सैय्यद जावेद हुसैन (सहसंपादक – छत्तीसगढ़):
धमतरी- जिले के एक थाने के पुलिस कर्मियों का एक नया कारनामा सामने आया है, जहां 1 नवंबर की सुबह 10-11 बजे 3 पुलिस कर्मी जिले की एक सूनी सड़क पर रेत से भरे ट्रैक्टर को रोककर रेत की रॉयल्टी मांगने लगे, जबकि ट्रैक्टर चालक/ मालिक के पास रॉयल्टी नहीं थी, बस फिर क्या था पुलिस कर्मी धौंस जमाते हुए चालक से ₹5000 मांगने लगे, जब चालक ने असमर्थता जताई तो उसे धमकाने लगे कि हमें ₹5000 दो या फिर हम माइनिंग की टीम बुला रहे हैं, फिर चुकाना ₹27000 का चालान!
ट्रैक्टर चालक की लाख मिन्नतों के बाद वे पुलिस कर्मी ₹2500 में मानें, तब ट्रैक्टर चालक ने ₹2500 किसी से तुरंत मौके पर मंगवा का उन पुलिस कर्मियों को देकर वहां से निकल पाया।
अब पुलिस के कर्मी जिन्हें पेट्रोलिंग करने सरकारी गाड़ियां उपलब्ध करवाई जाती हैं कि किसी घटना दुर्घटना में वे तत्काल मौके पर पहुंच जनता की मदद करें, जनता को अनहोनी/हादसों से बचाएं, अपराधों में रोकथाम हो सके, लेकिन यहां हर कोई बहती गंगा में हाथ धोने तैयार खड़ा है। इस तरह के मामले पुलिस/शासन की क्षवि को धूमिल करने काफी होते हैं। ऐसे अधिकारी कर्मचारियों को लगता है कि वे जो कर रहे हैं उसकी भनक किसी को नहीं लगेगी, और उनकी मनमानी चलती रहेगी, लेकिन ऐसा है नहीं। पेट्रोलिंग करने वाले पुलिस कर्मियों के ऐसे कई कारनामे सामने आ चुके हैं, कुछ पर लाइन हाज़िर/विभागीय कार्यवाहियां भी हुईं लेकिन फिर भी इस तरह की अवैध वसूली करने वालों के हौसले बुलंद होते जा रहे हैं। जबकि अपराधों में वैसी कमी नज़र नहीं आ रही!