मार्च में मौसम का बदलता रूप: कहीं बारिश और बर्फबारी, तो कहीं तेज धूप; राजस्थान में पारा 40 डिग्री पार…

देशभर में मार्च का महिना अलग-अलग जगहों पर मौसम में विरोधाभास लेकर आया है।

जहां जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में ताजा बर्फबारी हो रही है, वहीं राजस्थान में आसमान से आग बरसने लगी है, बुधवार को तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंचकर लू का प्रकोप शुरू हो गया है।

मौसम विभाग ने पहाड़ी राज्यों में बारिश-बर्फबारी और मैदानी क्षेत्रों में आंधी-तूफान की चेतावनी जारी की है, जबकि पश्चिमी राज्यों में गर्मी से बचाव के लिए हेल्थ गाइडलाइंस जारी हो चुकी हैं।

पहाड़ों में ताजा बर्फबारी 

जम्मू-कश्मीर के सोनमर्ग में गुरुवार को हुई बर्फबारी से तापमान में गिरावट दर्ज की गई। हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति, मनाली और अटल टनल के रोहतांग नॉर्थ पोर्टल पर ताजा बर्फबारी हुई।

लाहौल-स्पीति में सुबह से लगातार बर्फ गिर रही है। उत्तराखंड में चमोली और पिथौरागढ़ जिलों में बर्फबारी हुई, जबकि मैदानी इलाकों में बारिश और आंधी के आसार हैं।

IMD ने उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में आज और अगले दो दिनों तक बारिश-बर्फबारी का यलो अलर्ट जारी किया है। इस दौरान हवा की रफ्तार 30-50 किमी प्रति घंटा रहने की संभावना है। पिछले 24 घंटों में पहाड़ी इलाकों का अधिकतम तापमान सामान्य से अधिक रहा, लेकिन बर्फबारी से ठंडक बढ़ी है।

राजस्थान में मार्च में ही लू का कहर

दूसरी ओर, राजस्थान में गर्मी का प्रकोप तेज हो गया है। बुधवार को जैसलमेर, बाड़मेर और बालोतरा में तापमान 39-41 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। हालांकि गुरुवार को बादलों के छाने से कुछ राहत मिली, लेकिन आने वाले दो दिनों में तेज गर्मी की संभावना है।

स्वास्थ्य विभाग ने हीटवेव से बचाव के लिए एडवाइजरी जारी की है। 14 मार्च को 8 जिलों में आंधी-बारिश का यलो अलर्ट है। जयपुर जैसे शहरों में पर्यटन स्थलों पर गर्मी के कारण पर्यटकों की संख्या घटी है। अगले दो हफ्तों में गर्मी से कुछ राहत मिलने का अनुमान है।

यूपी, एमपी और अन्य राज्यों का हाल

मध्य प्रदेश में नर्मदापुरम का तापमान 40.2 डिग्री पहुंचा, जबकि 10 शहरों में 38 डिग्री से अधिक रहा। उत्तर प्रदेश में 15 मार्च से बारिश की संभावना है, जो तापमान में गिरावट लाएगी।

हरियाणा-पंजाब में भी तापमान सामान्य से ऊपर है, लेकिन बारिश के आसार हैं। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ के कारण पहाड़ों में यह बदलाव आया है, जबकि मैदानी इलाकों में गर्मी का दौर जारी रहेगा।

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