केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) के पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया के दौरान पोर्टल ठप होने सहित पेमेंट न होने को लेकर छात्र व अभिभावकों को लगातार हो रही दिक्कतों पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने रविवार को मोर्चा संभाला।
उन्होंने इस दौरान न सिर्फ आईआईटी मद्रास से बात कर सीबीएसई की मदद के लिए विशेषज्ञों को भेजने के निर्देश दिए बल्कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से बातकर सीबीएसई के पेमेंट गेटवे से जुड़ी दिक्कतों को सुलझाने के लिए मदद की मांग की जिसके बाद तय हुआ कि स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ बड़ौदा, केनरा बैंक व इंडियन बैंक पेमेंट गेटवे को लेकर सीबीएसई की मदद करेंगे।
पेमेंट गेटवे सिस्टम को पूरी तरह से बदलने के निर्देश
प्रधान ने इस दौरान सीबीएसई को अपने पेमेंट गेटवे सिस्टम को पूरी तरह से बदलने के भी निर्देश दिए है।
उन्होंने यह कदम तब उठाया है, जब छात्रों और अभिभावकों की ओर से उन्हें सीबीएसई के पुनर्मूल्यांकन से जुड़े सिस्टम के ठप होने और पेमेंट न होने जैसी दिक्कतों से अवगत कराया गया।
शिक्षा मंत्री ने सीबीएसई से मांगी रिपोर्ट
केंद्रीय मंत्री ने शनिवार को इसकी जानकारी लगते ही तुरंत सीबीएसई से इसकी रिपोर्ट मांगी। साथ ही आईआईटी मद्रास को भी सीबीएसई की मदद के लिए अपने तकनीकी विशेषज्ञों को भेजने के निर्देश दिए। ताकि पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया को त्रुटिरहित पूरी की जा सके।
शिक्षा मंत्रालय के मुताबिक, सीबीएसई की मदद के लिए सार्वजनिक क्षेत्र की प्रमुख बैंकों के आगे आने से अपने पेमेंट आदि की समस्या खत्म हो जाएगा। साथ ही यदि किसी छात्र से अधिक पेमेंट कर दिया है तो पैसा वापस भी हो जाएगा।
गौरतलब है कि छात्रों को इस समस्या का सामना तब करना पड़ रहा है, जब सीबीएसई में इस बार उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन डिजिटल तरीके से कराया है। छात्रों की आपत्ति है इससे उन्हें कम अंक मिले है। ऐसे में बड़ी संख्या में छात्र इस बार पुनर्मूल्यांकन के आवेदन कर रहे है।