सीबीआइ ने अदालत को बताया कि नीट-यूजी पेपर लीक मामले में गिरफ्तार पुणे के एक स्कूल की प्रिंसिपल मनीषा संजय हवलदार ने पैसों के लिए कुछ छात्रों के साथ परीक्षा से संबंधित फिजिक्स के प्रश्न और सामग्री साझा की।
जांच एजेंसी ने शुक्रवार को हवलदार को गिरफ्तार किया था और उसे पेपर लीक मामले का एक और स्रोत बताया।
पुणे के सेठ हीरालाल सर्राफ प्रशाला (स्कूल) की प्रिंसिपल हवलदार नीट यूजी-2026 के लिए फिजिक्स प्रश्नपत्र के उस पैनल की सदस्य थी जिसने पेपर का मराठी में अनुवाद किया था।
गिरफ्तारी के बाद उसे पुणे की अदालत में पेश किया गया और वर्तमान में वह ट्रांजिट रिमांड पर है। उसे सोमवार को दिल्ली की अदालत में पेश किए जाने की संभावना है।
सीबीआइ ने पुणे की अदालत को बताया कि उसकी जांच में यह सामने आया है कि हवलदार ने बाटनी की शिक्षिका मनीषा मंढारे के साथ मिलकर कुछ छात्रों को पैसे के बदले नीट से संबंधित प्रश्न साझा किए।
सूत्रों के अनुसार, हवलदार ने प्रश्नपत्र से संबंधित हाथ से लिखे नोट्स तैयार किए थे और इन्हें छात्रों को भेजा। आरोप है कि हवलदार ने एक छात्र से 20,000 रुपये और दूसरे से 25,000 रुपये लिए।