सीबीआई निदेशक प्रवीण सूद और एनटीए के महानिदेशक अभिषेक सिंह समेत विभिन्न अधिकारी शुक्रवार को एक संसदीय समिति के समक्ष पेश हुए।
उन्होंने समिति को 21 जून को होने वाले नीट-यूजी के पुन: आयोजन में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और किसी भी तरह की लीक या कदाचार रोकने के लिए उठाए जा रहे कदमों की जानकारी दी।
सूत्रों ने बताया कि सरकारी आश्वासनों पर संसदीय समिति के समक्ष पेश सीबीआई निदेशक सूद ने नीट-यूजी पेपर लीक मामले की जांच में हुई प्रगति, अब तक गिरफ्तार किए गए लोगों की संख्या और लीक में शामिल सभी लोगों को गिरफ्तार करने के लिए उठाए जा रहे कदमों के बारे में जानकारी दी।
मंत्रालय के अधिकारियों ने भी समिति को 21 जून को होने वाले नीट-यूजी के आयोजन में निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए सरकार द्वारा उठाए जा रहे कदमों के बारे में जानकारी दी।
उच्च शिक्षा सचिव विनीत जोशी के नेतृत्व में केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के शीर्ष अधिकारी समिति के समक्ष पेश हुए। इनमें एनटीए महानिदेशक के अलावा नेशनल मेडिकल कमीशन के चेयरमैन अभिजात चंद्रकांत सेठ समेत कमीशन के अन्य अधिकारी भी शामिल थे।
समिति ने सरकार द्वारा संसद में एनटीए द्वारा परीक्षाओं के आयोजन के संबंध में दिए गए आश्वासनों के सिलसिले में मंत्रालय, एनटीए, एनएमसी और सीबीआई अधिकारियों को समन किया था।
सूत्रों के अनुसार, समिति ने अधिकारियों से यह सुनिश्चित करने को कहा कि मेडिकल दाखिलों की ‘सीट मैट्रिक्स’ में कोई गड़बड़ी न हो और मेडिकल कालेजों में दाखिले के लिए योग्य छात्रों की काउंसलिंग समय पर हो।
सीट मैट्रिक्स में पूरे देश में उपलब्ध मेडिकल और सुपर-स्पेशियलिटी सीटों के बंटवारे का विवरण होता है। इसमें सीटों को कोटे और छात्रों की श्रेणी के आधार पर भी वर्गीकृत किया जाता है। समिति के अध्यक्ष एम. थंबीदुरई ने बैठक में हुई चर्चा के बारे में कोई जानकारी नहीं दी। उन्होंने कहा कि समिति की कार्यवाही गोपनीय होती है।