पीएम आवास योजना से घर बनाना हुआ और आसान, होम लोन के ब्याज पर मिलेगी बड़ी राहत; जानिए किन लोगों को मिलेगा फायदा…

अगर आपके पास अभी तक खुद का पक्का घर नहीं है तो प्रधानमंत्री आवास योजना आपके सपने को हकीकत बनाने में मददगार साबित हो सकती है।

यह योजना शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में लागू है और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग, निम्न आय वर्ग तथा मध्यम आय वर्ग के लोगों को अपना घर बनाने या खरीदने में सरकारी सहायता प्रदान करती है।

केंद्र सरकार इस योजना के तहत सब्सिडी के साथ-साथ होम लोन पर ब्याज में छूट भी देती है, जिससे अधिकतम 2.67 लाख रुपये तक की बचत हो सकती है।

योजना के तहत किसे मिलता है लाभ?

आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग यानी EWS में वे लोग आते हैं जिनकी सालाना आय तीन लाख रुपये तक है। इस वर्ग को सरकार घर निर्माण या खरीदारी के लिए सीधे आर्थिक मदद देती है।

ग्रामीण क्षेत्रों में अक्सर बिना किसी लोन के भी 1.5 लाख रुपये तक की सहायता मिल सकती है। वहीं शहरी क्षेत्रों में क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी स्कीम के जरिए 6.5 प्रतिशत ब्याज छूट मिलती है।

निम्न आय वर्ग यानी LIG में वे परिवार शामिल हैं जिनकी सालाना आय तीन लाख से छह लाख रुपये के बीच है। इस श्रेणी के लोगों को भी होम लोन पर 6.5 प्रतिशत तक की ब्याज सब्सिडी मिलती है, जो अधिकतम छह लाख रुपये तक के लोन पर लागू होती है। इससे उनकी मासिक किस्त काफी कम हो जाती है और घर लेना सस्ता पड़ता है।

मध्यम आय वर्ग यानी MIG में दो श्रेणियां हैं। MIG-I में छह लाख से बारह लाख रुपये सालाना आय वाले लोग आते हैं, जिन्हें 4 प्रतिशत ब्याज सब्सिडी मिलती है। वहीं MIG-II में बारह लाख से अठारह लाख रुपये तक आय वाले लोगों को 3 प्रतिशत ब्याज सब्सिडी दी जाती है।

ये दोनों सब्सिडियां क्रमशः नौ लाख और बारह लाख रुपये तक के लोन पर उपलब्ध हैं और मुख्य रूप से शहरी क्षेत्रों में ज्यादा प्रभावी हैं।

आवेदन कैसे करें?

आवेदन की प्रक्रिया भी काफी सरल है। ग्रामीण क्षेत्रों में लोग अपने ग्राम पंचायत, ब्लॉक कार्यालय या कॉमन सर्विस सेंटर पर जाकर आवेदन कर सकते हैं।

शहरी क्षेत्रों में किसी भी बैंक या हाउसिंग फाइनेंस कंपनी से होम लोन लेने के बाद बैंक के माध्यम से सब्सिडी का आवेदन किया जाता है। आवेदन करते समय आधार कार्ड, आय प्रमाण पत्र और अन्य जरूरी दस्तावेज साथ रखना चाहिए।

योजना का लाभ लेने के लिए सबसे जरूरी शर्त यह है कि आवेदक या उसके परिवार के किसी भी सदस्य के नाम भारत में कहीं भी पहले से पक्का घर न हो।

साथ ही घर की अधिकतम क्षेत्रफल भी प्रत्येक वर्ग के लिए तय है। अधिक जानकारी और नवीनतम अपडेट के लिए आधिकारिक वेबसाइट pmay-urban.gov.in या pmayg.nic.in पर विजिट करें।

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