Budget 2026: सुबह की कॉफी से शाम की शराब तक, जानें बजट में क्या हुआ महंगा और क्या सस्ता; देखें पूरी सूची…

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण लगातार नौवां केंद्रीय बजट पेश किया। बजट 2026-27 भारतीय अर्थव्यवस्था के घरेलू संतुलन को एक नई दिशा दे रहा है। इस बार की बजट ने सुबह की कॉफी से लेकर शेयर बाजार के कारोबार तक सभी संतुलन को बदल दिया है।

बजट में एक तरफ जहां कैंसर की दवाएं, विदेशी शिक्षा और सौर पैनल सस्ते होने की राह पर हैं, वहीं आयातित शराब, कॉफी मशीनें और ट्रेडिंग गतिविधियों पर खर्च बढ़ने वाला है। आइए जानते हैं केंद्रीय बजट 2026-27 क्या सस्ता होगा और क्या महंगा।

जिन उत्पादों की कीमत कम हो सकती है-

खेल उपकरण
बजट में वित्त मंत्री सीतारमण ने ‘खेलो इंडिया मिशन’ शुरू करने का प्रस्ताव रखा। इसका उद्देश्य खेल जगत में रोजगार, कौशल विकास और नौकरी के अवसरों पर ध्यान केंद्रित करना होगा।

इससे खेल उपकरणों की गुणवत्ता में सुधार होने की उम्मीद है।

चमड़े के सामान-
वित्त मंत्री सीतारमण ने चमड़े के निर्यात के लिए उपलब्ध कुछ विशिष्ट सामग्रियों के आयात पर शुल्क-मुक्त छूट की घोषणा की। इससे चमड़े या सिंथेटिक जूते सस्ते होने की उम्मीद है।

कैंसर की दवाएं-
वित्त मंत्री ने 17 कैंसर की दवाओं पर सीमा शुल्क में छूट की घोषणा की। इसके साथ ही 7 अन्य दुर्लभ बीमारियों को भी सस्ता करने का प्रस्ताव मिला है।

समुद्री भोजन-
वित्त मंत्री ने मछुआरा समुदाय को समर्थन देने के लिए प्रादेशिक जल सीमा से बाहर पकड़ी गई मछलियों पर शुल्क मुक्त प्रतिबंध लगाने की घोषणा की है।

माइक्रोवेव ओवन-
वित्त मंत्री ने माइक्रोवेव ओवन के निर्माण में उपयोग होने वाले कुछ विशिष्ट पुर्जों पर मूल सीमा शुल्क से छूट की घोषणा की है।

सोलर पैनल-
वित्त मंत्री ने उर्जा क्षेत्र में बढ़ावा देने के लिए लिथियम-आयन बैटरी सेल के निर्माण में उपयोग होने वाली पूंजीगत वस्तुओं पर मूल सीमा शुल्क छूट को बढ़ा दिया है।

इसके साथ ही सौर ग्लास बनाने में उपयोग होने वाले सोडियम एंटीमोनेट के आयात पर मूल सीमा शुल्क हटा दिया है। इससे सोलर पैनल सस्ते होने के उम्मीद हैं।

इलेक्ट्रिक वाहन बैटरियां
केंद्रीय बजट 2026-27 के मुताबिक, लिथियम-आयन बैटरी सेल बनाने में इस्तेमाल होने वाली मशीनरी पर आयात शुल्क माफ रहेगा। इससे विनिर्माण लागत को कम करने और घरेलू बैटरी उत्पादन को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी।

विदेश यात्रा-
विदेशी टूर पैकेजों पर लगने वाले कर को पहले के 5% और 20% से घटाकर 2% कर दिया गया है, और न्यूनतम राशि की कोई सीमा नहीं है।

यानी अब विदेश यात्रा की बुकिंग करते समय यात्रियों को कम अग्रिम भुगतान करना होगा। इसके अलावा विदेश में शिक्षा और चिकित्सा उपचार के लिए भेजे गए धन पर लगने वाला कुल ब्याज दर (टीसीएस) 5% से घटाकर 2% कर दिया गया है।

जिन उत्पादों की कीमत बढ़ सकती है-

बिजनेस
केंद्रीय बजट 2026-27 के मुताबिक, बायबैक कराधान, प्रतिभूति लेनदेन कर (एसटीटी) और चुनिंदा वस्तुओं पर स्रोत पर एकत्रित कर (टीसीएस) में प्रस्तावित परिवर्तनों के कारण व्यापार और कुछ कॉर्पोरेट नकदी-वितरण चैनल अधिक महंगे हो सकते हैं।

वीडियो गेम
केंद्र सरकार 1 अप्रैल से वीडियो गेम बनाने में इस्तेमाल होने वाले पुर्जों पर सीमा शुल्क छूट वापस ले लेगी। इसके चलते वीडियो गेम कंसोल या स्थानीय स्तर पर निर्मित गेमिंग उपकरण थोड़े महंगे हो सकते हैं।

कॉफी
क्रेंद सरकार ने कॉफी भूनने, बनाने और बेचने वाली मशीनों पर सीमा शुल्क छूट हटा दी है। इससे आयातित कॉफी मशीनें महंगी होने की संभावना है, जिससे कैफे, कार्यालयों और ऐसे उपकरणों पर निर्भर व्यवसायों के लिए लागत बढ़ जाएगी।

शराब
बजट में वित्त मंत्री सीतारमण ने प्रस्ताव दिया है कि शराब विक्रेताओं के लिए कुल बिक्री शुल्क (टीसीएस) दर को तर्कसंगत बनाकर 2% किया जाएगा। वर्तमान में आम आदमी के उपभोग के लिए शराब की बिक्री पर टीसीएस दर 1% है। यानी शराब की कीमत बढ़ेगी।

उर्वरक
सरकार ने उर्वरक उत्पादन में प्रयुक्त नेफ्था पर सीमा शुल्क छूट वापस ले ली है। यानी उर्वरक के कीमतों में भी वृद्धि देखने को मिलेगी।

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