भारत ब्रिक्स की 2026 अध्यक्षता के तहत 14-15 मई को नई दिल्ली में विदेश मंत्रियों की महत्वपूर्ण बैठक की मेजबानी करने जा रहा है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर इस बैठक की अध्यक्षता करेंगे।
बैठक में ब्रिक्स सदस्य देशों और पार्टनर देशों के विदेश मंत्री तथा प्रतिनिधि भाग लेंगे। बैठक में ईरान, ब्राजील, दक्षिण अफ्रीका, रूस, इंडोनेशिया जैसे कई सदस्य देशों के विदेश मंत्री हिस्सा लेंगे।
चीन के विदेश मंत्री वांग यी इस बैठक में हिस्सा नहीं लेंगे लेकिन ब्रिक्स के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों (एनएसए) की बैठक में हिस्सा लेने के लिए अगले महीने भारत आएंगे।
विदेश मंत्रालय की तरफ से बताया गया है कि 14 मई को ब्रिक्स विदेश मंत्रियों का दल पीएम नरेंद्र मोदी से भी मुलाकात करेगा।
ब्रिक्स देशों के विदेश मंत्री वैश्विक मुद्दों पर करेंगे चर्चा
बैठक के पहले दिन ब्रिक्स सदस्य देशों के विदेश मंत्री वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों पर विचार-विमर्श करेंगे। दूसरे दिन ब्रिक्स के गठन के 20 वर्षों की उपलब्धियों और आगे की राह पर थीम पर एक विशेष सत्र होगा। इसके बाद वैश्विक गवर्नेंस व बहुदेशीय व्यवस्था में सुधार विषय पर चर्चा आयोजित की जाएगी।
भारत की अध्यक्षता में ब्रिक्स वैश्विक सुधारों, बहुपक्षीय व्यवस्था को मजबूत करने और विकासशील देशों की आवाज को बल देने पर जोर दे रहा है। यह बैठक पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के बीच हो रही है, इसलिए इसमें क्षेत्रीय सुरक्षा, ऊर्जा सुरक्षा और बहुपक्षीय सुधारों पर खास चर्चा होने की संभावना है। रूस के सर्गेई लावरोव समेत कई प्रमुख देशों के मंत्री इसमें शामिल होंगे।
पीएम मोदी की रूस यात्रा पर सर्गेई लावरोव को होगी बात
सर्गेई की इस यात्रा के दौरान होने वाली वार्ता में पीएम नरेंद्र मोदी की आगामी रूस यात्रा की तैयारियों पर भी बात होगी। ईरान और संयुक्त अरब अमीरात के प्रतिनिधियों की मौजूदगी भी इसे और दिलचस्प बनाएगी, क्योंकि दोनों देशों के बीच हालिया तनाव के बाद यह पहला आमने-सामने का अवसर हो सकता है।
ईरान लगातार मांग कर रहा है कि इजरायल व अमेरिका की तरफ से किये गये हमले के खिलाफ ब्रिक्स देश एक निंदा प्रस्ताव पास करें। भारत इस बारे में बहुत ज्यादा उत्साह नहीं दिखा रहा है।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, यह बैठक सितंबर 2025 में न्यूयार्क में हुई पिछली ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की बैठक का अगला चरण है, जब भारत ने आगामी अध्यक्षता की जिम्मेदारी संभाली थी। भारत, रूस और चीन की अगुवाई में शुरू किये गये इस संगठन में अभ 11 सदस्य देश हैं। इस बैठक में आगामी ब्रिक्स शिखर सम्मेलन (सितंबर 2026) की रूपरेखा भी तैयार किया जाएगा।