कुत्ते को लेकर ब्राजील और मेक्सिको आमने-सामने, करेंसी पर तस्वीर छापने की योजना पर बढ़ा विवाद…

दो देशों के बीच विवाद आमतौर पर सीमा, व्यापार या राजनीति को लेकर होते हैं, लेकिन इन दिनों ब्राजील और मैक्सिको के बीच बहस की वजह एक आवारा कुत्ता बन गया है।

भूरे रंग के देसी कुत्ते, जिन्हें ब्राजील में ‘कारामेलो’ कहा जाता है, अब दोनों देशों की सांस्कृतिक पहचान की लड़ाई के केंद्र में हैं।

राजिल ने कहा हमारी पहचान

ब्राजील में कारामेलो कुत्ते करोड़ों की संख्या में पाए जाते हैं और देश की संस्कृति और जनजीवन का अभिन्न हिस्सा माने जाते हैं। ये कुत्ते मीम्स, टी-शर्ट्स, वायरल गानों और झांकियों में जगह बना चुके हैं।

पिछले साल नेटफ्लिक्स पर ‘कारामेलो’ नाम की फिल्म भी रिलीज हुई। हाल ही में ब्राजील की संसद में इन कुत्तों को करेंसी पर छापने का प्रस्ताव भी लाया गया था।

मैक्सिको का दावा, ब्राजील में बवाल

विवाद अप्रैल में शुरू हुआ जब मैक्सिको ने ‘पेरो कारामेलो’ को अपनी स्थानीय नस्ल घोषित कर इसे सांस्कृतिक प्रतीक का दर्जा दे दिया। इस घोषणा के बाद ब्राजील में सोशल मीडिया से लेकर अखबारों तक बवाल मच गया। लोग सवाल उठा रहे हैं कि दशकों से ब्राजील की पहचान माने जाने वाले कुत्ते पर मैक्सिको कैसे दावा कर सकता है।

कारामेलो कोई शुद्ध नस्ल नहीं हैं। इनमें करीब 300 विदेशी प्रजातियों का मिश्रण है। पुर्तगाली उपनिवेशकों के समय से लेकर इटली, जर्मनी, स्पेन और जापान के प्रवासियों के कुत्तों के मेल से यह अनोखा समूह विकसित हुआ। मिश्रित नस्ल होने के कारण इनमें आनुवंशिक बीमारियों का खतरा भी कम होता है।

लैटिन अमेरिका का साझी विरासत?

मैक्सिको के पशु कल्याण कार्यकर्ता दावा करते हैं कि उनके यहां भी ऐसे ही कुत्ते बड़ी संख्या में हैं। उनका कहना है कि दोनों देशों का मौसम और इतिहास समान रहा है, इसलिए यह एक देश की नहीं बल्कि पूरे लैटिन अमेरिका की साझी विरासत है।

समस्या कहीं बड़ी है

बहस पहचान को लेकर है, लेकिन असली समस्या गंभीर है। ब्राजील में अभी भी 2 करोड़ से ज्यादा आवारा कुत्ते हैं, जिनमें 90 प्रतिशत से अधिक कारामेलो हैं। लोकप्रिय होने के बावजूद लोग गोद लेने के समय विदेशी नस्लों को प्राथमिकता देते हैं। दोनों देशों के पशु प्रेमी इस बात पर सहमत हैं कि कारामेलो को चाहे ब्राजील का माना जाए या मैक्सिको का, उन्हें सिर्फ ‘आवारा’ नहीं मानकर देखा जाना चाहिए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *