ब्रेन मलेरिया से संक्रमित केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के जवान पिंटू कुमार की बुधवार को इलाज के दौरान एमजीएम अस्पताल में मौत हो गई। पिंटू कुमार मुसाबनी स्थित सीआरपीएफ कैंप में तैनात थे।
उनकी मौत के बाद कैंप के जवानों और परिजनों में शोक की लहर दौड़ गई। वहीं, लगातार सामने आ रहे ब्रेन मलेरिया के मामलों ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता भी बढ़ा दी है।
अचानक बिगड़ी तबीयत, अस्पताल में कराया गया भर्ती
एक दिन पहले पिंटू कुमार की तबीयत खराब होने पर उन्हें इलाज के लिए एमजीएम अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जांच के दौरान उनमें ब्रेन मलेरिया की पुष्टि हुई।
डॉक्टरों की टीम लगातार उनका इलाज कर रही थी, लेकिन उनकी हालत लगातार गंभीर बनी रही। तमाम प्रयासों के बावजूद बुधवार को उन्होंने दम तोड़ दिया।
मुसाबनी कैंप में शोक, स्वास्थ्य विभाग सतर्क
पिंटू कुमार की मौत की सूचना मिलते ही मुसाबनी सीआरपीएफ कैंप में शोक का माहौल हो गया। साथी जवानों ने उनके निधन पर गहरा दुख जताया।
अस्पताल प्रशासन ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव परिजनों को सौंप दी गई। स्वास्थ्य विभाग भी मामले पर नजर बनाए हुए है।
ब्रेन मलेरिया को लेकर बढ़ी चिंता
पूर्वी सिंहभूम और कोल्हान क्षेत्र में इस वर्ष मलेरिया के मामलों में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है। विशेष रूप से ब्रेन मलेरिया (फाल्सीपेरम संक्रमण) के गंभीर मामलों ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है।
चिकित्सकों का कहना है कि तेज बुखार, लगातार सिरदर्द, बेहोशी, दौरे या मानसिक भ्रम जैसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत जांच और इलाज कराना बेहद जरूरी है। समय पर उपचार नहीं मिलने पर यह बीमारी जानलेवा साबित हो सकती है।