स्मार्ट से प्रीपेड हुए बिजली मीटर का चहुंओर विरोध हो रहा है। सोमवार को कई जगह प्रदर्शन और हंगामा हुआ। इसने सत्ता दल को भी चिंता में डाल दिया है।
यही वजह है कि मंगलवार दोपहर 12 बजे बाइपास स्थित मोनार्क होटल में नगर विधायक की अध्यक्षता में एक बैठक हुई। इसमें भाजपा के नेता, पार्षद और व्यापारियों ने अपनी समस्याएं रखीं, जिन्हें सुनकर अधिकारी भी हैरान रह गए।
विधायक और भाजपा नेताओं ने विद्युत विभाग के अधिकारियों के साथ की बैठक
नगर विधायक मनीष असीजा ने अधिकारियों से सीधा प्रश्न किया कि जिले में स्मार्ट मीटर लगाने में इतनी जल्दी क्यों की गई, लोगों को समझने तक का मौका नहीं दिया।
ठेकेदार और कर्मचारियों द्वारा उपभोक्ताओं से अभद्रता किए जाने की कई शिकायतें आ रही हैं। बिना सहमति अधिकांश उपभोक्ताओं के मीटर प्रीपेड कर दिए हैं।
माइनस बैलेंस पर कनेक्शन कटने की समस्याएं बताईं
महानगर अध्यक्ष डॉक्टर सतीश दिवाकर ने कहा कि माइनस बैलेंस पर बिना किसी संदेश के लोगों के कनेक्शन कट रहे हैं, जिनको दो-दो दिन बाद जोड़ा जाता है। ठेकेदार ने प्रीपेड मीटर लगाते समय अधिकांश उपभोक्ताओं के मोबाइल नंबर अपडेट नहीं किए, जिससे बिल बकाया होने अथवा बिजली कटने का संदेश उन तक नहीं पहुंच रहा।
पार्षद, व्यापारी भी हुए शामिल, मीटर तेज दौड़ने की समस्या
जिला महामंत्री आनंद अग्रवाल ने कहा कि कंपनी द्वारा नामित ठेकेदार द्वारा बिना सूचना मीटर बदले जा रहे हैं, उपभोक्ताओं से ओटीपी तक नहीं लिया गया। स्मार्ट मीटर में रीडिंग भी अधिक आ रही है।
विद्युत विभाग के अधिकारी कहते हैं कि मोबाइल एप डाउनलोड कर लें, जो कि श्रमिक बाहुल्य शहर में व्यावहारिक नहीं है। यहां 50 प्रतिशत लोग स्मार्ट फोन ही नहीं रखते हैं।
16 से 28 अप्रैल तक अपडेट करें सभी नंबर
अंत में विधायक ने स्मार्ट मीटर लगाने वाली कंपनी के ठेकेदार को मीटर लगाते समय उपभोक्ताओं से ओटीपी प्राप्त न करने पर फटकार लगाई। उन्होंने निर्देश दिए कि 12 दिन (16 से 28 अप्रैल तक) में सभी प्रीपेड उपभोक्ताओं के फोन नंबर अपडेट कराएं जाएं। अन्यथा प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी।
यदि विभागीय अधिकारी कार्य में लापरवाही करेंगे तो उनके बारे में मुख्यमंत्री और ऊर्जा मंत्री को बताया जाएगा। उन्होंने ये भी कहा कि पहले की तरह पोस्ट पेड मीटर की व्यवस्था लागू कराने के प्रयास उनके और संगठन की ओर से किए जाएंगे।
इसलिए हो रही समस्या
- पहले बिना बताए स्मार्ट मीटर लगाए गए, फिर उन्हें बिना सहमति के प्रीपेड कर दिया गया।
- ठेकेदार ने मोबाइल फोन की डमी सिमों से ओटीपी लेकर मीटर लगा दिए।
- मीटर में मोबाइल फोन लिंक न होने से लोगों पर संदेश नहीं पहुंच रहे।
हजारों उपभोक्ताओं के फोन में न तो एप डाउन लोड कराया गया न चलाना सिखाया गया।
बैठक में ये रहे उपस्थित
मौके पर दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के वाणिज्यिक निदेशक अजय अग्रवाल, मुख्य अभियंता भरत सिंह, अधीक्षण अभियंता शहर विजय मोहन खेड़ा, अधीक्षण अभियंता ग्रामीण चंद्रजीत प्रसाद, सहित सभी अधिशासी अभियंता, उपखंड अधिकारी, जीएमआर कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर देवेंद्र कुमार वर्मा और व्यापार मंडल के महानगर अध्यक्ष अंबेश शर्मा उपस्थित रहे। वाणिज्यिक निदेशक ने कहा कि विभाग उपभोक्ताओं की समस्याओं के समाधान को लेकर लगातार प्रयास कर रहा है।