पंजाब चुनाव पर भाजपा का फोकस बढ़ा, अमित शाह ने संभाली कमान; क्या है जीत का रोडमैप?…

बंगाल की तर्ज पर भाजपा पंजाब विधानसभा का चुनाव भी लड़ेगी। बंगाल के साथ ही दिल्ली, हरियाणा, बिहार, महाराष्ट्र जैसे कठिन चुनावों में भाजपा की जीत की पटकथा लिखने वाले अमित शाह ने अब पंजाब विधानसभा चुनाव की कमान अपने हाथ में ले ली है।

पिछले हफ्ते दिल्ली में पार्टी के पंजाब व केंद्रीय नेताओं के साथ बैठक में शाह ने पंजाब की मौजूदा राजनीतिक स्थिति की समीक्षा के साथ ही भाजपा की रणनीति को धार दी।

पंजाब चुनाव की तैयारी में जुटी भाजपा

शनिवार से भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के शुरू हो रहे पंजाब दौरे को इसी से जोड़कर देखा जा रहा है। लंबे समय तक अकाली दल के साए में राजनीति करने वाली भाजपा इस बार अपने दम पर विधानसभा चुनाव लड़ने की तैयारी में है।

वैसे कमजोर होते अकाली दल की ओर जूनियर पार्टनर के रूप में साथ आने के संकेत दिए जा रहे हैं। लेकिन बैठक में शाह ने साफ किया कि चुनाव की तैयारी अपने दम पर बहुमत लाने के लिए करनी होगी।

इस कारण सबसे अधिक चर्चा पार्टी के संगठनात्मक ढांचे की कमजोरियों और उसे दुरुस्त करने के लिए जरूरी कदमों को लेकर हुई।

शाह ने पंजाब के सीमावर्ती जिलों की सीटों के बारे में भी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से बातचीत की। भाजपा ने इस बार ड्रग्स की समस्या, कानून व्यवस्था और मतांतरण को प्रमुख मुद्दा बनाने का फैसला किया है।

इनके सहारे न सिर्फ आम आदमी पार्टी की भगवंत मान सरकार को घेरा जाएगा, बल्कि कांग्रेस और अकाली दल जैसे पूर्व में सत्ता में रहने वाली पार्टियों को भी निशाने पर लिया जाएगा।

पंजाब की जनता इन समस्याओं से लंबे समय से जूझ रही है। उनके सामने भाजपा इनसे मुक्ति का स्पष्ट रोडमैप प्रस्तुत करेगी।

अमित शाह ने दिए निर्देश

शाह ने पंजाब भाजपा के नेताओं को सिख और दलित समुदाय के बीच पहुंच बढ़ाने के लिए विशेष अभियान शुरू करने का निर्देश दिया और इसके लिए केंद्र के वरिष्ठ नेताओं का कार्यक्रम लगाने को भी कहा।

माना जा रहा है कि नितिन नवीन के बाद आने वाले दिनों में अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के भी पंजाब में कार्यक्रम समय-समय पर लगते रहेंगे।

पंजाब भाजपा के वरिष्ठ नेता और नवनिर्वाचित राज्यसभा सदस्य तरुण चुग के अनुसार भगवंत मान सरकार हर मोर्चे पर विफल रही है। आम जनता में काफी नाराजगी है।

अकाली दल के सिमटते दायरे और पंजाब कांग्रेस में अंदरूनी गुटबाजी के बीच भाजपा के पास बेहतर विकल्प के रूप में पेश करने का अवसर है। आने वाले दिनों में व्यापक जनसंपर्क अभियान के सहारे भाजपा जनता तक इसे पहुंचाने की कोशिश करेगी।

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