बंगाल: सरकार बनते ही सक्रिय हुए भाजपा विधायक, ‘ट्रिपल इंजन’ की रफ्तार से शुरू हुआ विकास कार्य…

विधानसभा चुनाव के बाद अब नगरपालिका स्तर पर भी राजनीतिक समीकरण तेजी से बदलते दिख रहे हैं।

तृणमूल के निकाय प्रमुखों या पार्षदों को भाजपा में शामिल कराए बिना ही भाजपा ने कई इलाकों में नगर सेवाओं पर प्रभाव बढ़ाना शुरू कर दिया है।

दूसरी ओर, तृणमूल के जनप्रतिनिधि भी स्थानीय परिस्थितियों को देखते हुए भाजपा विधायकों के साथ समन्वय बनाकर चल रहे हैं।

कई नगरपालिकाओं में भाजपा के नव निर्वाचित विधायक सीधे पालिका प्रमुखों और पार्षदों से बैठक कर रहे हैं या फोन पर संपर्क साधकर सफाई, कूड़ा प्रबंधन और अन्य नागरिक सेवाओं को लेकर निर्देश दे रहे हैं।

खास बात यह है कि अधिकांश मामलों में उन निर्देशों का पालन भी किया जा रहा है। बरानगर के भाजपा विधायक सजल घोष ने कुछ दिन पहले अपने क्षेत्र के दो वार्डों में डस्टबिन से कूड़ा बाहर तक फैला देखा।

विधानसभा चुनाव के बाद अब नगरपालिका स्तर पर भी राजनीतिक समीकरण तेजी से बदलते दिख रहे हैं। तृणमूल के निकाय प्रमुखों या पार्षदों को भाजपा में शामिल कराए बिना ही भाजपा ने कई इलाकों में नगर सेवाओं पर प्रभाव बढ़ाना शुरू कर दिया है।

दूसरी ओर, तृणमूल के जनप्रतिनिधि भी स्थानीय परिस्थितियों को देखते हुए भाजपा विधायकों के साथ समन्वय बनाकर चल रहे हैं।

कई नगरपालिकाओं में भाजपा के नव निर्वाचित विधायक सीधे पालिका प्रमुखों और पार्षदों से बैठक कर रहे हैं या फोन पर संपर्क साधकर सफाई, कूड़ा प्रबंधन और अन्य नागरिक सेवाओं को लेकर निर्देश दे रहे हैं।

खास बात यह है कि अधिकांश मामलों में उन निर्देशों का पालन भी किया जा रहा है। बरानगर के भाजपा विधायक सजल घोष ने कुछ दिन पहले अपने क्षेत्र के दो वार्डों में डस्टबिन से कूड़ा बाहर तक फैला देखा।

बनगांव नगरपालिका में वहां के एकमात्र भाजपा पार्षद देवदास मंडल इस बार हाबड़ा से विधायक चुने गए हैं। देवदास हाल ही में नगरपालिका पहुंचे और निकाय प्रमुख से मुलाकात की।

उन्होंने नागरिक सेवाओं को सुचारु रखने पर जोर देते हुए कहा कि किसी भी प्रशासनिक समस्या की जानकारी उन्हें दी जाए। आश्वासन दिया कि प्रशासन और सरकार के साथ संपर्क बनाकर शहर की सेवाओं को प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा।

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