अगले एक साल में मोदी सरकार के गिर जाने की भविष्यवाणी कर नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी एक बार फिर भाजपा के निशाने पर आ गए हैं।
राहुल गांधी के बयान को भाजपा ने भारत में अराजकता फैलाने के षड्यंत्र के रूप में देखा है। कहा है कि यह देश को अस्थिर करने की खतरनाक मानसिकता का सार्वजनिक प्रदर्शन है।
पार्टी नेताओं ने विश्वास जताया है कि देश की राष्ट्रवादी जनता हर षड्यंत्र का जवाब देती रहेगी और कांग्रेस सहित आइएनडीआइए की भारत में आग लगाने की कोई भी साजिश सफल नहीं होने देगी।
राहुल गांधी पर भड़के BJP नेता
केंद्रीय मंत्री पीयूष गाेयल ने कहा कि राहुल गांधी का बयान देश के खिलाफ कांग्रेस सहित तमाम विपक्षी दलों एवं भारत को अस्थिर करने का सपना देख रहे टूलकिट गैंग की एक बड़ी साजिश की ओर इशारा कर रहा है। यह कोई साधारण बयान नहीं है, बल्कि देश में अराजकता फैलाने का गंभीर षड्यंत्र है।
गोयल ने कहा कि राहुल गांधी एंड कंपनी ने जब देख लिया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देश की जनता के हृदय से हटाया नहीं जा सकता और सीधी लोकतांत्रिक लड़ाई में भाजपा को परास्त नहीं किया जा सकता तो अब वो देश में हिंसा फैलाना चाहते हैं।
सांसद एवं भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि कांग्रेस नेता का यह बयान केवल राजनीतिक हताशा नहीं, बल्कि भारत को अस्थिर करने की खतरनाक मानसिकता का सार्वजनिक प्रदर्शन है।
जब-जब देश वैश्विक मंच पर मजबूत हुआ, भारत की अर्थव्यवस्था नई ऊंचाइयों पर पहुंची और दुनिया ने भारत के नेतृत्व को स्वीकार किया, तब-तब भारत विरोधी अंतरराष्ट्रीय ताकतों ने देश को बदनाम करने का अभियान चलाया और कांग्रेस ने उनका साथ निभाया।
डॉ. सुधांशु त्रिवेदी ने आरोप लगाया कि अब कांग्रेस अराजकता की राजनीति पर उतर आई है। विदेशी धरती पर भारत की संस्थाओं को कठघरे में खड़ा करना, देशविरोधी नैरेटिव को हवा देना और भारत में अस्थिरता की भविष्यवाणी करना, यह सब संयोग नहीं, बल्कि एक सुनियोजित टूलकिट राजनीति का हिस्सा है।
इसी तरह सांसद एवं प्रवक्ता डॉ. संबित पात्रा ने भी राहुल, कांग्रेस और विपक्ष पर गंभीर आरोप लगाए। कहा कि राहुल गांधी विदेशी ताकतों के इशारे पर काम कर रहे हैं। उनकी योजना का पर्दाफाश हो गया है उन्होंने एक बार फिर दुस्साहस दिखाया है।
भाजपा सांसद ने आरोप लगाया कि नेता प्रतिपक्ष दंगे भड़काकर और अराजकता फैलाकर मोदी सरकार को गिराने की कोशिश कर रहे हैं।
टिप्पणियों से यह बिल्कुल स्पष्ट हो गया है कि वे जॉर्ज सोरोस और उनकी विदेश यात्राओं को वित्त पोषित करने वाली विदेशी कंपनियों जैसे अपने आकांसों के इशारे पर विदेशी एजेंडा चला रहे हैं, जिसका उद्देश्य भारत में लोकतंत्र को समाप्त करना है।