BitChat ऐप पर प्रतिबंध का मामला, सरकार ने कहा- ‘कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जरूरी था कदम’…

 इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय मंत्रालय के निर्देश के बाद भारत के एप स्टोर से जैक डोर्सी के बिटचैट को हटाए जाने पर सरकारी सूत्रों ने मंगलवार को कहा कि ब्लूटूथ आधारित यह मैसेजिंग एप कानून-व्यवस्था के लिए चिंता का विषय था, इसलिए इसे हटाना जरूरी था।

बिटचैट इंटरनेट के बिना ब्लूटूथ के जरिए कई डिवाइसों के माध्यम से संदेश आगे भेजने की सुविधा देता है। सरकार का कहना है कि इस व्यवस्था का इस्तेमाल कानूनी निगरानी और इंटरनेट प्रतिबंधों को दरकिनार करने के लिए किया जा सकता है।

जैक डोर्सी ने शनिवार को बताया था कि इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय की मांग के बाद एपल ने भारत के एप स्टोर से बिटचैट हटा दिया। एप को गूगल प्ले स्टोर से भी हटाया गया है।

सरकारी सूत्रों ने नाबालिगों के इंटरनेट मीडिया इस्तेमाल पर पूर्ण प्रतिबंध की किसी योजना से भी इन्कार किया।

उन्होंने कहा कि सरकार उद्योग, विशेषज्ञों और मनोविज्ञान के जानकारों से परामर्श कर रही है ताकि इस मुद्दे का बेहतर समाधान निकाला जा सके। बिटचैट जुलाई में भी सरकारी कार्रवाई के दायरे में आया था।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *