अब जिले में वेटेरिनरी विश्वविद्यालय बायो गैस और बायो सीएनजी प्लांट लगाएगा।
इसके लिए राज्य सरकार के पशुधन विभाग, पंडित दीनदयाल उपाध्याय पशु चिकित्सा विश्वविद्यालय एवं गो अनुसंधान संस्थान का संयुक्त राष्ट्र की विशेष संस्था खाद्य एवं कृषि संगठन (एफएओ) के बीच तीन स्तरीय करार होने वाला है।
गोवर्धन के माधुरी कुंड स्थित विवि की भूमि पर पर यह स्थापित होगा। यहां खेती होगी और गोवंशी भी संरक्षित होंगे। गोबर और कृषि अवशेष से बायो गैस व बायो सीएनजी का उत्पादन होगा।
लखनऊ पशुधन विभाग में मुख्यमंत्री के सलाहकार जीएन सिंह, एफएओ के प्रमुख ताकायुकी हागीवारा, पशुधन विभाग के अपर मुख्य सचिव मुकेश मेश्राम और वेटेरिनरी के कुलपति डॉ. अभिजित मित्र की मौजूदगी में करार पर 17 दिन पूर्व इसे लेकर फाइनल वार्ता हो चुकी है।
इसके मई तक होने की संभावना है। इस तहत एफएओ वन हेल्थ योजना पर काम करेगा। पशुओं को स्वस्थ बनाने के लिए हरा चारा व पौष्टिक आहार दिलाने की भी योजना है।
मानना है जब पशु स्वस्थ होंगे तो मानव खुद स्वस्थ होगा, चूंकि मानव पशुओं का ही दूध, घी, पनीर प्रयोग करता है। वहीं पर्यावरण स्वच्छ बनाने की ओर भी काम होगा। इसके लिए रोग निगरानी तंत्र की स्थापना की जाएगी।
इस करार के तहत मथुरा में बायोगैस व बायो सीएनजी प्लांट लगाया जाएगा। यह गोवर्धन क्षेत्र अंतर्गत माधुरी कुंड की भूमि पर स्थापित होगा। यहां पशुओं के लिए सारगम, जई, बरसीम, लूसेन आदि चारा उगाने के साथ ही अंकुरित पशु आहार भी तैयार किया जाएगा।
जब हरा चारा नहीं होगा, तब उसके लिए साइलेज तैयार होगा। यह भूमि करीब 14 सौ एकड़ है। इसके बड़े हिस्से में खेती के साथ ही गोवंशी भी संरक्षित होंगे। यहां पर लगने वाले प्लांट में बायो गैस और सीएनजी बनाने में गोबर और कृषि अवशेष प्रयोग में लिए जाएंगे।
गोबर की उपलब्धता के लिए जिले की सभी प्रमुख गोशालाओं को इससे जोड़ा जाएगा। बायोगैस व बायो सीएनजी तथा हरा चारा आदि कार्य में एफएओ विज्ञानी के साथ ही तकनीक उपलब्ध कराएगा। सरकार इसमें आर्थिक सहायता करेगी। यहां तैयार होने वाली सीएनजी की बिक्री की जाएगी।
करार के बाद प्रोजेक्ट तैयार होने पर तय होगी रकम
वेटेरिनरी के जनसंपर्क अधिकारी देशदीपक सिंह ने बताया, करार होने के बाद इस पर पूरी डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट बनेगी। इसमें तय होगा कि गोबर किस दर पर खरीदा जाएगा। इसका सीधा लाभ किसानों को भी होगा।
पहले मथुरा, उसके बाद गोरखपुर में लगेगा प्रोजेक्ट
जनसंपर्क अधिकारी प्रो. देशदीपक सिंह ने बताया, गोरखपुर में वेटेरिनरी महाविद्यालय खोला जा रहा है। उम्मीद है वर्ष 2027 के अंत तक ये तैयार हो जाएगा। उन्होंने बताया, पहले मथुरा में ये काम होगा, उसके बाद गोरखपुर में वेटेरिनरी महाविद्यालय खुलेगा, तब वहां पर भी इस पर प्रोजेक्ट में काम होगा।
क्या है एफएओ
खाद्य एवं कृषि संगठन (एफएओ) संयुक्त राष्ट्र की विशेष संस्था है। ये अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सभी के लिए खाद्य सुरक्षा और स्वस्थ जीवन के लिए पौष्टिक भोजन की उपलब्धता सुनिश्चित करने की ओर काम करती है। यह संस्था कृषि, वानिकी एवं मछली पालन के क्षेत्र में विभिन्न देशों के बीच ज्ञान और तकनीक के आदान-प्रदान में मदद करती है।
पशुधन विभाग, एफएओ और वेटेरिनरी विश्वविद्यालय के बीच त्रिस्तरीय करार होगा। इसके लिए लगभग सभी औपचारिकताएं पूर्ण हो चुकी हैं। बायोगैस व बायो सीएनजी प्रोजेक्ट की स्थापना के लिए 1400 एकड़ का माधुरी कुंड चुना गया है। यहां हरा चारा उगाएगा। इसके लिए तकनीकी, विज्ञानी एफएओ उपलब्ध कराएगा, साथ ही कुछ आर्थिक मदद भी मिल सकती है। वहीं सरकार भी इसमें सहयोग करेगी। ये करार पशुपालकों, किसानों के लिए लाभदायक होगा।
-डॉ. अभिजित मित्र, कुलपति, वेटेरिनरी, मथुरा।