अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष और तनाव के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे महत्वपूर्ण व्यापार मार्गों के बाधित होने और इलेक्ट्रानिक चिप्स-कंपोनेंट्स की सप्लाई में कमी के चलते इलेक्ट्रिक उपकरण महंगे हो गए हैं। स्थानीय बाजार में बिजली उपकरणों में 25 से 30 फीसदी की बढ़त देखी गई है। ऐसे में गर्मी से राहत देने वाले उपकरण एसी और कूलर, फ्रीज को खरीदने में लोगों के पसीने छूट रहे हैं।
हालांकि जिस तरह से तापमान बढ़ा है, लोगों ने बाजार की ओर रुख किया है। उनकी प्राथमिकता कम खपत वाले कूलर, एसी, पंखे खरीदने की है। इलेक्ट्रिक शाप संचालक उपकरणों पर बढ़े रेट के बीच ग्राहकों को लुभाने के लिए आफर और फाइनेंस की सुविधा दे रहे हैं, ताकि ग्राहक अपनी जरूरत को पूरा कर सकें, उनकी भी मार्केट बनी रहे।
चंदौसी के स्टेशन रोड स्थित इलेक्ट्रिक शाप संचालक चरनजीत सिंह ने बताया कि अप्रैल के बाद से एसी, कूलर, फ्रिज आदि उपकरणों की कीमतें बढ़ गई हैं। उन्होंने बताया कि इन सभी उत्पादों को देश में ही बनाया जाता है, लेकिन 60 फीसदी पार्ट्स चीन और 40 प्रतिशत कोरिया व जापान से पानी के जहाज द्वारा मंगवाए जाते हैं।
इसलिए युद्ध के कारण इनकी आवक कम हुई है। इसलिए इलेक्ट्रानिक कंपनियों ने कई उत्पादों की कीमतें बढ़ा दी हैं। बताया कि गोदरेज कंपनी का जो एसी एक महीने पहले तक करीब 26 हजार रुपये की था, अब उसकी कीमत 30500 रुपये पहुंच गई है। हालांकि इसकी बिजली खपत बेहद कम है।
बताया कि पूरे महीने अगर नियमित आठ घंटे एसी चलती हैं, तो इसका मासिक बिल करीब 1078 रुपये आएगा। बताया कि बाजार में एसी फाइलेंस और ईएमआइ पर ही उपलब्ध है। इसके अलावा लोकल कंपनियों के कूलर पर 500 और ब्रांडेड में एक हजार रुपये तक बढ़े हैं। फ्रिज पर 500 से 2000 रुपये तक बढ़े हैं।
बिक्री पर नहीं महंगाई का असर
इलेक्ट्रिक बाजार में भले ही विद्युत उपकरणों पर महंगाई का असर है, लेकिन उपकरणों पर बढ़े भाव से बिक्री पर कोई खास असर नहीं दिख रहा है। गर्मी से राहत पाने के लिए लोग सुविधा अनुसार एसी, कूलर, फ्रीज आदि उपकरण खरीद रहे हैं।
सुबह से लेकर शाम तक इलेक्ट्रिक शाप पर ग्राहक खरीदारी के लिए पहुंच रहे हैं। यही वजह है कि बाजार में 2500 रुपये से लेकर 20 हजार रुपये तक के कूलर मौजूद हैं। पंखों की शुरुआती कीमत 1050 रुपये से हैं, जोकि बढ़कर 5000 हजार तक पहुंचती है। फ्रीज की कीमत 11500 से शुरू होकर 85000 रुपये तक है।