मुहर्रम के जुलूस में पाकिस्तान समर्थित नारे लगाने का आरोप झूठा पाया गया। इससे संबंधित वीडियो प्रसारित वाले योगेंद्र पाल ने ही नारे लगाकर दूसरे पक्ष को फंसाने का प्रयास किया था। सोमवार को उसके विरुद्ध सांप्रदायिक सद्भाव बिगाड़ने एवं आईटी एक्ट के अंतर्गत प्राथमिकी दर्ज कर ली गई।
बरेली में कैमरे के पीछे से खुद लगाए नारे, फिर प्रसारित कर दिया वीडियो
रविवार देर रात मुहर्रम का जुलूस निकाला जा रहा था। उसी दौरान योगेंद्र पाल ने मोबाइल फोन से वीडियो बनाया। कैमरे के पीछे रहकर खुद ही आपत्तिजनक नारे लगा दिए। इसके बाद वीडियो प्रसारित कर दावा किया कि जुलूस में पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लग रहे।
एसपी मुकेश मिश्र ने बताया कि वीडियो की जांच में पता चला कि षड्यंत्र रचते हुए नारे योगेंद्र ने ही लगाए थे। इसकी पुष्टि होने पर उसके विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करा दी गई है।