पुणे बम मामले में बड़ा खुलासा: अस्पताल में इलाज का पैसा ऐंठने के लिए रखा गया था नकली IED…

पुणे के एक निजी अस्पताल में आईइडी रखने के आरोप में गिरफ्तार व्यक्ति ने अस्पताल से पैसे वसूलने के लिए ऐसा किया, क्योंकि उसके पास इलाज के लिए पैसे नहीं थे।

एक अधिकारी ने बताया कि महाराष्ट्र के आतंकवाद रोधी दस्ते (एटीएस) ने पुणे के एक निजी अस्पताल से संवर्धित विस्फोटक उपकरण (आइईडी) बरामद किए जाने के संबंध में रेलवे सुरक्षा बल की मदद से नागपुर में शालीमार एक्सप्रेस से आरोपित शिवाजी राठौड़ को पकड़ा है, जो फरार होने की फिराक में था। ट्रेन (नंबर 18029) मुंबई के लोकमान्य तिलक टर्मिनस से बंगाल में हावड़ा के पास शालीमार जा रही थी।

उन्होंने बताया कि राठौड़ पुणे के मंजरी इलाके का रहने वाला है, जहां उसकी एक दुकान है। पुणे के हडपसर स्थित ऊषा किरण अस्पताल के शौचालय में बुधवार शाम विस्फोटक उपकरण बरामद किया गया, जिसे बम निरोधक दस्ते ने सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय कर दिया।

पुणे पुलिस, अपराध शाखा और एटीएस की संयुक्त टीम मामले की जांच कर रही है। पुणे के पुलिस आयुक्त अमितेश कुमार ने कहा कि जांच के दौरान राठौड़ की दुकान से आइईडी में इस्तेमाल किए गए टाइमर का खाली डिब्बा बरामद हुआ।

कुमार ने बताया कि 10 मई को राठौड़ इलाज के लिए उषाकिरण अस्पताल गया था, लेकिन उसे बताई गई अनुमानित लागत अधिक थी और उसके पास पैसे की कमी थी।

पुलिस आयुक्त ने कहा, इसके बाद उसने अस्पताल में बम लगाने की योजना बनाई, ताकि वह पैसे वसूल सके। इससे पहले, एटीएस के एक अधिकारी ने कहा कि सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर हमने आरोपित की गतिविधियों पर नजर रखी और उसे नागपुर में पकड़ लिया।

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