CAA का विरोध करने वाले पूर्व IPS अब्दुर रहमान को बॉम्बे हाई कोर्ट से बड़ी राहत, केंद्र सरकार को जारी किया अहम निर्देश…

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को गृह मंत्रालय के उस आदेश को रद कर दिया, जिसमें 1997 बैच के महाराष्ट्र कैडर के आइपीएम अधिकारी की स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (वीआरएस) के आवेदन को खारिज कर दिया गया था।

वह 2019 में नागरिकता (संशोधन) अधिनियम (सीएए) के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों में भाग लेने के कारण अनुशासनात्मक कार्यवाही और दो अन्य शिकायतों का सामना कर रहे हैं।

जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे ने कहा कि केंद्र के पास अखिल भारतीय सेवा (मृत्यु् और सेवानिवृत्ति लाभ) नियम 1958 के तहत वीआरएस आवेदन को स्वतंत्र रूप से स्वीकार करने की शक्ति है, लेकिन यह पूरी तरह स्वैच्छिक नहीं है बल्कि इसमें कुछ शर्तें हैं।

पीठ ने कहा कि केंद्र सरकार को अधिकारी अब्दुर रहमान के वीआरएस आवेदन पर नए सिरे से विचार करना चाहिए और तीन दिनों के अंदर निर्णय लेना चाहिए।

राज्य सरकार ने 16 अक्टूबर, 2019 को रहमान के वीआरएस आवेदन पर विचार किया और उसे मंजूरी के लिए केंद्र के पास भेज दिया। 25 अक्टूबर, 2019 को केंद्र ने यह कहते हुए आवेदन को खारिज कर दिया कि उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही लंबित है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *