यमुना विकास प्राधिकरण (यीडा) की सोमवार को होने वाली बोर्ड बैठक किसानों और क्षेत्र के औद्योगिक विकास के लिहाज से महत्वपूर्ण हो सकती है।
बैठक में किसानों को 7 प्रतिशत विकसित भूखंड उपलब्ध कराने के लिए अलग से जमीन खरीदने के प्रस्ताव पर फैसला होने की उम्मीद है। इसके अलावा एयरपोर्ट के आसपास प्रस्तावित नए सेक्टरों में औद्योगिक परियोजनाओं के विकास के लिए जमीन खरीद की प्रक्रिया शुरू करने पर भी मंथन हो सकता है।
सूची जारी की जा चुकी
यमुना प्राधिकरण की ओर से अब तक अधिग्रहीत जमीन के एवज में पात्र किसानों को 7 प्रतिशत विकसित भूखंड के आवंटन पत्र और सूची जारी की जा चुकी है। हालांकि, प्राधिकरण के पास विकसित भूखंड उपलब्ध कराने के लिए पर्याप्त जमीन नहीं होने के कारण किसानों को अभी तक भूखंडों पर कब्जा नहीं मिल सका है।
लंबे समय से किसान 7 प्रतिशत विकसित भूखंड देने की मांग कर रहे हैं। ऐसे में प्राधिकरण किसानों के लिए अलग से जमीन खरीदकर इस समस्या का समाधान करने की तैयारी में है।
किसानों को राहत मिलने की उम्मीद
बोर्ड बैठक में प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद जमीन खरीद की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है। जमीन उपलब्ध होने पर उसका नियोजन और विकास कर पात्र किसानों को 7 प्रतिशत विकसित भूखंड आवंटित किए जाएंगे। इससे लंबे समय से भूखंड का इंतजार कर रहे किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है।
नए सेक्टरों के लिए भी जमीन खरीद की तैयारी
एयरपोर्ट के आसपास तेजी से बढ़ रही औद्योगिक गतिविधियों को देखते हुए यमुना प्राधिकरण नए सेक्टर विकसित करने की योजना पर काम कर रहा है। प्रस्तावित सेक्टरों में औद्योगिक परियोजनाओं के लिए जमीन उपलब्ध कराने को जमीन खरीद की प्रक्रिया शुरू करने का प्रस्ताव भी बोर्ड के समक्ष रखा जा सकता है।
नए क्षेत्रों में जमीन खरीद होने से प्राधिकरण का रिजर्व लैंड बैंक मजबूत होगा। इससे भविष्य में औद्योगिक, संस्थागत और अन्य परियोजनाओं के लिए जमीन की उपलब्धता बनी रहेगी।
बोर्ड बैठक में किसानों के सात प्रतिशत भूखंड और नए सेक्टरों के लिए जमीन खरीद के प्रस्तावों पर निर्णय होने से क्षेत्र के विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है।