सुप्रीम कोर्ट में केंद्र सरकार ने पांच नए न्यायाधीशों की नियुक्ति की है। इससे सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की कुल संख्या बढ़कर 37 हो गई है जो कुल मंजूर पद 38 से एक कम है। प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत मंगलवार को नवनियुक्त न्यायाधीशों को शपथ दिलाएंगे।
नवनियुक्त पांच न्यायाधीशों में चार हाई कोर्ट से प्रोन्नत होकर सुप्रीम कोर्ट में आए हैं, जबकि पांचवां नाम वरिष्ठ वकील वेंकिटा सुब्रमणि मोहना का है जो सीधे सुप्रीम कोर्ट की न्यायाधीश नियुक्ति हुई हैं।
सुप्रीम कोर्ट में सीधे नियुक्त होने वाली वह दूसरी महिला न्यायाधीश हैं। इससे पूर्व जस्टिस इंदू मल्होत्रा वकील से सीधे सुप्रीम कोर्ट की न्यायाधीश नियुक्त हुई थीं, जो मार्च, 2021 को सेवानिवृत्त हो चुकी हैं।
वीएस मोहना सुप्रीम कोर्ट के इतिहास में 12वीं महिला जज हैं और वह जून, 2031 में सेवानिवृत्त होंगी। केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्रालय की ओर से सोमवार को अलग-अलग जारी अधिसूचनाओं में सुप्रीम कोर्ट में पांच न्यायाधीशों की नियुक्ति की गई।
इनमें वरिष्ठ वकील वी. मोहना के अलावा पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश शील नागू, बांबे हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश श्री चंद्रशेखर, मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश संजीव सचदेवा और जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश अरुण पल्ली शामिल हैं। वेंकिटा सुब्रमणि मोहना की नियुक्ति के बाद सुप्रीम कोर्ट में महिला न्यायाधीशों की संख्या दो हो जाएगी।
अभी सिर्फ एक महिला न्यायाधीश बी.वी. नागरत्ना (31 अगस्त, 2021 से) हैं जो 2027 में एक माह से कुछ अधिक समय के लिए प्रधान न्यायाधीश भी बनेंगी। सुप्रीम कोर्ट में दो और जज हैं जिन्हें सीधे वकील से जज बनाया गया है, ये हैं- पीएस नरसिम्हा और जस्टिस केवी विश्वनाथन।
चार दिनों में ही मिली मंजूरी
प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाले सुप्रीम कोर्ट कोलेजियम ने 27 मई को इन पांचों लोगों को न्यायाधीश नियुक्त करने की सिफारिश की थी और चार दिन के भीतर ही नियुक्तियां हो गईं।
ज्ञात हो, केंद्र ने कुछ दिन पहले ही अध्यादेश जारी कर सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की संख्या 34 से 38 की थी। अब सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों के कुल मंजूर पद प्रधान न्यायाधीश को मिलाकर 38 हो गए हैं। संख्या बढ़ने के बाद ये पांच नियुक्तियां हुई हैं। सरकार ने त्वरित न्याय सुनिश्चित करने और सुप्रीम कोर्ट में मुकदमों के बोझ को देखते हुए न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाई है। हालांकि अभी भी एक पद रिक्त है।