हाल ही में घरेलू LPG सिलेंडर की रिफिल बुकिंग में काफी कमी आई है। अतुल माथुर की रिपोर्ट के मुताबिक, अप्रैल महीने में रोजाना LPG रिफिल की बुकिंग घटकर लगभग 43-44 लाख रह गई है। यह संख्या मार्च के बीच में 89 लाख के करीब पहुंच गई थी।
सरकारी आंकड़ों से पता चलता है कि 3 अप्रैल के बाद से बुकिंग 50 लाख सिलेंडरों से नीचे बनी हुई है। 12 अप्रैल को यह और कम होकर 35 लाख रह गई। इस दौरान तेल कंपनियों ने हर दिन औसतन 50 लाख सिलेंडर सप्लाई किए।
652 लाख सिलेंडर डिलीवर किए गए
रविवार को थोड़ी कम डिलीवरी हुई, जो करीब 30.7 लाख सिलेंडर थी। 1 अप्रैल से 14 अप्रैल तक कुल 658 लाख सिलेंडर बुक किए गए और 652 लाख सिलेंडर डिलीवर किए गए।संकट से पहले घरेलू LPG की औसत रोजाना मांग 55 लाख सिलेंडर के आसपास थी।
मार्च में पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने और हार्मुज जलडमरूमध्य बंद होने की अफवाहों के कारण लोगों में घबराहट फैल गई थी। इससे LPG की बुकिंग में अचानक बहुत बढ़ोतरी हुई। सामान्य 57 लाख से बढ़कर 13 मार्च को बुकिंग 88.8 लाख तक पहुँच गई। इस बढ़ी हुई बुकिंग को रोकने के लिए सरकार ने रिफिल बुकिंग के बीच का समय 15 दिनों से बढ़ाकर पहले 21 दिन और फिर 25 दिन कर दिया था।
रोजना 50-55 लाख गैस बुकिंग
पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने कहा कि बुकिंग में कभी-कभी उतार-चढ़ाव होता रहता है, लेकिन औसतन यह 50-55 लाख प्रतिदिन रहती है। घरेलू LPG की सप्लाई पूरी तरह सामान्य है और कहीं भी गैस खत्म होने की कोई शिकायत नहीं आई है।इससे LPG की सप्लाई पर दबाव कम हुआ है और स्थिति अब नियंत्रण में है।