कोटा: बकरे के विवाद में 8 साल पुरानी हत्या मामले में बड़ा फैसला, एक ही परिवार के 12 लोगों को उम्रकैद…

कोटा में एक ही परिवार के 12 लोगों को कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। 8 साल पहले इन लोगों का बकरे को लेकर पड़ोसी के साथ विवाद हो गया था।

विवाद सुलझाने आए 2 युवकों इस्तियाक और यशपाल पर चाकू, लकड़ी और धारदार हथियारों से हमला कर दिया था। जिसमें इस्तियाक गंभीर रूप से घायल हो गया था।

इसके बाद अस्पताल में इलाज के दौरान उसने दम तौड़ दिया। मामले की सुनवाई के बाद कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए सभी दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है।

इसमें 10 पुरुष और 2 महिलाएं हैं। अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश श्वेता शर्मा ने सभी दोषियों पर 13-13 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है।

2018 में घटना को दिया था अंजाम

वकील रियाज अहमद ने बताया कि यह मामला 31 अगस्त 2018 का है। हमले में इस्तियाक हुसैन की मौत हो गई थी। 8 साल पुराने हत्या के मामले में गुरुवार को मुख्य आरोपी रमजानी (57), उसकी पत्नी फरजाना (43) और उनके बेटे मुख्तार (31), मुश्ताक (29) और अन्य 8 लोगों को उम्रकैद की सजा सुनाई है, जो की एक ही परिवार के हैं।

कोर्ट ने मुख्य आरोपियों के अलावा मुबारिक अली (26), सद्दाम खान (32), शाहीन खानम (37), शाहरुख उर्फ लंगड़ा (26), जहीर खान (35), नईमुद्दीन उर्फ शोएब (26), शाहदत उर्फ भय्यू (30) और शाहरुख (32) को भी दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई।

बातचीत के दौरान किया हमला

मृतक इस्तियाक के चचेर भाई जाहिद हुसैन ने मामला दर्ज कराया था। इसमें उन्होंने बताया था कि मामा अब्दुल अजीज उर्फ पप्पू का पड़ोसी रमजानी से बकरे को लेकर विवाद चल रहा था। इसी विवाद को सुलझाने के लिए इस्तियाक हुसैन उर्फ गुड्डू, उसके दोस्त यशपाल और कालू उर्फ कमलजीत रमजानी के घर गए थे। बातचीत के दौरान यशपाल और इस्तियाक पास की दुकान पर गए।

रिटायर्ड ASI का इकलौता बेटा था इस्तियाक

इसी दौरान आरोपियों ने चाकू, लकड़ी और धारदार हथियारों से उन पर हमला कर दिया था। इस हमले में इस्तियाक हुसैन गंभीर रूप से घायल हो गया था। इसके बाद उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई थी।

बता दे कि पुलिस ने सभी आरोपियों को अलग-अलग समय पर गिरफ्तार कर कोर्ट में चार्जशीट पेश की थी। लंबी सुनवाई और सबूतों के आधार पर कोर्ट ने सभी को उम्रकैद की सजा सुनाई है। इस्तियाक के पिता रिटायर्ड ASI हैं। इस्तियाक उनका इकलौता बेटा था।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *