भारतीय रेल में बड़ा बदलाव: 55 हजार किमी ट्रैक का हुआ नवीनीकरण…

प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, भारतीय रेलवे के आधुनिकीकरण से रेल नेटवर्क अधिक सुरक्षित और भरोसेमंद हो गया है।

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के एक लेख का हवाला देते हुए पीएमओ ने बताया कि साल 2014 से अब तक लगभग 55 हजार किमी रेलवे ट्रैक का नवीनीकरण किया जा चुका है।

इस बदलाव से न केवल यात्रा सुगम हुई है, बल्कि बार-बार होने वाली मरम्मत की जरूरत भी कम हुई है। इससे भारतीय रेलवे को देश भर में बढ़ते यात्री और माल ढुलाई की मांग को पूरा करने में मदद मिल रही है।

रेलवे ने नेटवर्क की मजबूती के लिए आधुनिक तकनीकों को अपनाया है। अब तक लगभग 44 हजार किमी लंबी रेल पटरियों को बिछाया जा चुका है।

ज्वाइंट्स की संख्या कम होने से ट्रेनों की आवाजाही सुरक्षित और झटके रहित हो गई है। इसके अलावा, भारी वजन और उच्च गति को सहन करने के लिए 80 हजार किमी से अधिक ट्रैक पर मजबूत रेल का उपयोग किया जा रहा है।

इन सुधारों का परिणाम यह है कि रेल और वेल्ड विफलता की घटनाओं में 90 प्रतिशत तक की कमी आई है। ट्रैक रखरखाव को बेहतर बनाने के लिए मशीनों के बेड़े को 2014 के 748 से बढ़ाकर 2026 में 1,785 कर दिया गया है।

वर्तमान में रेलवे का लगभग 80 प्रतिशत नेटवर्क 110 किमी/घंटा या उससे अधिक की गति का समर्थन करता है।

उल्लेखनीय है कि भारतीय रेलवे प्रतिदिन 25 हजार से अधिक ट्रेनें संचालित करता है, जिनमें दो करोड़ से अधिक यात्री सफर करते हैं। 1.37 लाख किमी के विशाल ट्रैक नेटवर्क पर कोयला, अनाज और स्टील जैसे महत्वपूर्ण माल की ढुलाई भी अब अधिक सुचारू रूप से हो रही है।

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