अमेरिका में यात्रा करने वाले प्रवासियों के लिए बड़ा अलर्ट, ये जरूरी दस्तावेज हमेशा रखें साथ; जानिए भारतीयों पर क्या पड़ेगा असर…

अमेरिका के घरेलू विमानों या अन्य साधनों से यात्रा करने वाले गैर-नागरिकों को अमेरिकी होमलैंड सिक्योरिटी विभाग (DHS) द्वारा हिरासत में लिए जाने की कई घटनाएं सामने आई हैं।

इन मामलों के सामने आने के बाद अमेरिकी आव्रजन वकीलों ने एच-1बी (H-1B) वीजा धारकों समेत सभी प्रवासियों को चेतावनी दी है कि वे देश में अपनी कानूनी स्थिति या वैध प्रवास से जुड़े सभी दस्तावे हर समय अपने साथ रखें।

किन राज्यों से आ रही हैं ऐसी खबरें?

अमेरिकन इमिग्रेशन लॉयर्स एसोसिएशन (AILA) के मुताबिक, इस तरह की घटनाएं अमेरिका के कई राज्यों में दर्ज की गई हैं, जिनमें कैलिफोर्निया, कोलोराडो, फ्लोरिडा, इलिनोइस, कंसास, मिशिगन, न्यू जर्सी, टेक्सास और वर्जीनिया शामिल हैं।

किन लोगों को बनाया जा रहा है निशाना?

मिली जानकारी के अनुसार हिरासत में लिए गए लोगों में से कितनों का भी कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं था। इनमें से कई लोग ऐसे थे जो कानूनी रूप से अमेरिका में रह रहे थे, क्योंकि उनके ग्रीन कार्ड या शरण के आवेदन प्रक्रिया में थे। कुछ लोगों के पास DHS द्वारा जारी वर्क परमिट यानी ईएडी भी था, जो उन्हें कानूनी रूप से काम करने की अनुमति देता है।

हालांकि वकीलों का कहना है कि ईएडी सिर्फ नौकरी करने की अनुमति देता है, लेकिन यह अपने आप में अमेरिका में कानूनी रूप से रहने का दर्जा प्रदान नहीं करता है।

यात्रा के दौरान क्या-क्या दस्तावेज साथ रखें?

वकीलों ने सलाह दी है कि अमेरिका के भीतर कहीं भी सफर करते समय ये कागजात अपने पास जरूर रखें। 

  • वैध पासपोर्ट
  • सबसे नया फॉर्म I-94 (Form I-94)
  • ग्रीन कार्ड (यदि हो तो)
  • पेंडिंग इमिग्रेशन आवेदनों की रसीदें।
  • वर्क परमिट कार्ड।
  • वर्तमान नौकरी से जुड़े प्रमाण।

भारतीय प्रवासियों के लिए क्या है मायने?

गौरतलब है कि अमेरिका में एच-1बी वीजा धारकों में एक बहुत बड़ा हिस्सा भारतीय प्रवासियों का है। जब कोई कंपनी अपने कर्मचारी के लिए ग्रीन कार्ड के लिए आवेदन करती है और वीजा नंबर उपलब्ध होता है, तो कर्मचारी फॉर्म I-485 दाखिल करता है।

इस दौरान कर्मचारियों के पास दो रास्ते होते हैं समय-समय पर अपने एच-1बी स्टेटस को रिन्यू (EOS) कराते रहें और एच-1बी छोड़कर सिर्फ पेंडिंग I-485 और ईएडी के सहारे काम करें।

समझिए एच-1बी स्टेटस बनाए रखना क्यों जरूरी है?

अगर इमिग्रेशन विभाग (USCIS) बाद में ग्रीन कार्ड का आवेदन खारिज कर देता है, तो जिस व्यक्ति का एच-1बी स्टेटस वैध रहता है, वह अमेरिका में अपनी स्पॉन्सर कंपनी के साथ कानूनी तौर पर रह और काम कर सकता है।

प्रसिद्ध आव्रजन वकील साइरस डी. मेहता के अनुसार अगर एच-1बी स्टेटस खत्म हो चुका है और सिर्फ एडजस्टमेंट एप्लीकेशन पेंडिंग है, तो ऐसे व्यक्ति को हिरासत में लिया जा सकता है और डिपोर्टेशन (देश से बाहर निकालने) की कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।

क्या स्थिति है और वकीलों की क्या सलाह है?

हालांकि राहत की बात यह है कि अब तक भारतीय समुदाय के किसी भी व्यक्ति के साथ ऐसी कोई घटना सामने नहीं आई है। इसकी मुख्य वजह यह है कि अधिकांश भारतीय पेशेवर फॉर्म I-485 दाखिल करने के बाद भी अपना एच-1बी या एल-1 वीज़ा समय पर रिन्यू करवाते रहते हैं। इसके बावजूद, मौजूदा सख्त माहौल को देखते हुए वकीलों ने अत्यधिक सावधानी बरतने की सलाह दी है।

मामले में न्यूयॉर्क की इमिग्रेशन वकील करिन वोलमैन ने कहा है कि जिन लोगों का आई-94 (I-94) एक्सपायर हो चुका है, या जो वीजा एक्सटेंशन का इंतजार कर रहे हैं, उन्हें एयरपोर्ट के आस-पास भी नहीं जाना चाहिए, खासकर तब जब वे दो नौकरियों के बीच हों या सिर्फ ईएडी पर निर्भर हों।

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