जम्मू-कश्मीर में बड़ा प्रशासनिक बदलाव, अब 5 करोड़ रुपये तक की परियोजनाओं को विभागीय स्तर पर तकनीकी मंजूरी…

जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने प्रशासनिक और वित्तीय प्रक्रियाओं में एक महत्वपूर्ण बदलाव करते हुए विभागीय स्तर पर तकनीकी स्वीकृति देने की सीमा को बढ़ा दिया है। अब तक यह सीमा दो करोड़ रूपये तक सीमित थी, जिसे बढ़ाकर पांच करोड़ कर दिया गया है।

संबधित अधिकारियों ने बताया कि वित्त विभाग (कोड्स डिवीजन) द्वारा तीन जून 2026 को जारी अधिसूचना संख्या एसओ 154 के अनुसार, “वित्तीय शक्तियों का विकेंद्रीयकरण के अंतर्गत प्रशासनिक अनुमोदन, तकनीकी स्वीकृति और अनुबंधों के आवंटन से जुड़े प्रावधानों में संशोधन किया गया है। संशोधित प्रावधानों में तकनीकी स्वीकृति से संबंधित सीमा को दो करोड़ रूपये तक और दो करोड़ से अधिक से बदलकर पांच करोड़ रूपये तक और पांच करोड़ करोड़ रूपये से अधिक कर दिया है।

सरकार का यह कदम प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने और परियोजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाने के उद्देश्य से देखा जा रहा है। अब कई निर्माण और विकास कार्यों को पहले की तुलना में अधिक उच्च स्तर की मंजूरी के बिना ही संबंधित विभागीय अधिकारियों द्वारा तकनीकी रूप से स्वीकृत किया जा सकेगा।

विकास कार्य तेजी से शुरू हो सकेंगे

सरकार के इस फैसले के बाद अब अब छोटे और मध्यम स्तर की परियोजनाओं को उच्च प्रशासनिक स्तरों पर भेजने की आवश्यकता कम होगी। इससे फाइलों की देरी घटेगी और विकास कार्य तेजी से शुरू हो सकेंगे। पांच करोड़ तक की परियोजनाएं विभागीय स्तर पर ही स्वीकृत होने से अतिरिक्त अनुमोदन चरण कम होंगे, जिससे प्रशासनिक बोझ घटेगा।

विभागीय इंजीनियरों और प्रशासनिक अधिकारियों को अधिक वित्तीय अधिकार मिलने से निर्णय लेने की स्वतंत्रता बढ़ेगी। जहां एक ओर गति बढ़ेगी, वहीं दूसरी ओर यह भी जरूरी होगा कि विभागीय स्तर पर पारदर्शिता और ऑडिट व्यवस्था मजबूत रहे, ताकि वित्तीय अनियमितताओं की संभावना न बढ़े। तेज मंजूरी प्रक्रिया से इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं में समय की बचत होगी, जिससे निजी और सार्वजनिक निवेश को भी प्रोत्साहन मिल सकता है।

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