बीमा घोटाले पर बड़ी कार्रवाई: ग्वालियर में 4.30 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी, सीबीआई की एफआईआर…

 ग्वालियर और चंबल अंचल में वाहनों के एक्सीडेंट क्लेम के नाम पर चल रहे अंतरराज्यीय सिंडिकेट का पर्दाफाश हुआ है।

सरकारी क्षेत्र की प्रतिष्ठित द न्यू इंडिया एश्योरेंस के साथ 4.30 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने के मामले में सीबीआई ने ग्वालियर के दो सगे भाइयों सहित तीन लोगों पर एफआईआर दर्ज की है। इनके अलावा कई अज्ञात सरकारी कर्मचारियों व निजी व्यक्तियों को भी जांच के दायरे में लिया है।

सीबीआई ने यह कार्रवाई कंपनी के भोपाल स्थित क्षेत्रीय कार्यालय के उप महाप्रबंधक मयंक कुमार झा की लिखित शिकायत और आंतरिक जांच रिपोर्ट के बाद की है। सीबीआइ के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अरविंद डी. मोरे जांच कर रहे हैं।

इसमें ग्वालियर के मुरार क्षेत्र स्थित सिद्धेश्वर नगर निवासी अवेधश परमार, उसके भाई शैलेंद्र सिंह परमार व ग्वालियर के नरसिंह नगर निवासी मनराज प्रजापति पर धोखाधड़ी, कूटरचित दस्तावेज तैयार करने व भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया है।

अवधेश परमार पर पांच वाहनों पर 47.26 लाख रुपये के 31, शैलेंद्र पर दो वाहनों पर 24.62 लाख रुपये के 16 और मनराज प्रजापति पर एक वाहन पर 8.15 लाख रुपये के आठ संदिग्ध क्लेम हासिल करने का आरोप है।

सीबीआई ने ऑटो टाई-अप हब और नान सूट हब ग्वालियर व भिंड कार्यालय से जुड़े सर्वेक्षकों, गैरेज मालिकों, बैंक कर्मचारियों व तत्कालीन लोक सेवकों (सरकारी अधिकारी) को भी जांच के दायरे में लिया है।

ऐसे किया फर्जीवाड़ा एफआईआर के मुताबिक, अप्रैल 2021 से अक्टूबर 2024 के बीच आरोपितों ने वाहन मालिकों, गैरेज संचालकों और बीमा कंपनी के अंदरूनी भ्रष्ट तंत्र के साथ मिलकर एक ही गाड़ी के बार-बार क्लेम लिए।

हर बार वही टूटे-फूटे पार्ट्स दिखाए और नुकसान का पैटर्न भी हूबहू रखा। फर्जी बिल लगाए और बीमाधारकों को भनक न लगे, इसके लिए फर्जी चेक बुक का भी इस्तेमाल किया।

आरोपितों ने ज्यादातर मारुति और हुंडई जैसी कंपनियों के ऑटो-टाई अप पालिसियों को निशाना बनाया और पालिसी बाजार और क्विकइंश्योर जैसे आनलाइन इंश्योरेंस ब्रोकर पोर्टल्स से जारी पालिसियों में डिजिटल खामियों का फायदा उठाया।

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