राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट)-2026 कीतीन मई को हुई परीक्षा रद्द की गई है।
राजस्थान के सीकर और झुंझुनूं में परीक्षा से दो दिन पहले कई छात्रों को गैस पेपर मिला था।
दावा किया जा रहा है कि गैस पेपर के सवाल परीक्षा में आए पेपर के सवालों से मिलते हुए थे।
इस मामले में राजस्थान एसओजी (स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप) ने मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर आठ मई से जांच शुरू की है।
एसओजी की दो टीमों ने सीकर और झुंझून में पहुंचकर जांच कर कई तथ्य जुटाने के साथ ही कुछ लोगों से पूछताछ भी की थी। इस मामले में अब तक 15 लोगों को पकड़ा है।
जानकारी के अनुसार नीट परीक्षा के सात सौ अंकों में से छह सौ अंकों के सवाल सीकर एवं झुंझुनूं के छात्रों को परीक्षा से दो दिन
पहले मिले गैस पेपर से मिलते हुए थे। साथ ही 120 प्रश्न परीक्षा में हूबहू आए थे। सूत्रों के अनुसार गैस पेपर केरल में पढ़ने वाले चूरू जिले के एक एमबीबीएस छात्र ने सीकर में अपने मित्र को भेजा था। इसके बाद यह गैस पेपर सीकर में एक पीजी संचालक को मिला था।
उसने गैस पेपर अपने यहां रहने वाले छात्रों को दे दिया । साथ ही सीकर के करियर काउंसलर राकेश मंडावरिया ने कुछ अभ्यर्थियों को परीक्षा से पहले सवाल बताए थे,जिनमें से अधिकांश सवाल परीक्षा में आए थे। उसने अभ्यर्थियों को “गैस पेपर” दिया था। अब एसओजी जांच कर रही है कि करियर काउंसलर तक सवाल कैसे पहुंचे। एसओजी ने राकेश को तीन अन्य लोगों के साथ देहरादून से पकड़ा गया है।
सूत्रों के अनुसार मनीष यादव एवं अविनाश लांबा नामक दो युवको की इस मामले में भूमिका को लेकर जांच की जा रही है। दो दिन पहले एसओजी के अतिरिक्त महानिदेशक विशाल बंसल ने कहा था कि नीट परीक्षा-2026 का कथित “गैस पेपर” कई दिनों से छात्रों के पास था।
गैस पेपर में 250 पेज की पीडीएफ है। इसमें से नीट में 410 में से 120 सवाल कैमेस्ट्री (रसायन विज्ञान ) के परीक्षा में आने की बात सामने आई है। इस लिंक में कोई व्यक्ति देहरादून में था,जिससे भी पूछताछ की जा रही है। जांच अभी शुरूआत स्तर पर है। अभी इस बात की जांच की जा रही है कि गैस पेपर कैसे बना ।
जांच पूरी होने से पहले इस बारे में अधिक जानकारी नहीं दी जा सकती है। गहलोत ने सरकार पर निशाना साधा पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इंटरनेट मीडिया पर कहा,नीट की परीक्षा रद्दा होना यह दर्शाता है कि बड़े स्तर पर गड़बड़ी हुई थी। राज्य की भाजपा सरकार ने जानबुझकर गड़बड़ी को दो सप्ताह तक छिपाने की कोशिश की है। भाजपा सरकार का असली चेहरा बेनकाब हो गया।