इस सप्ताह आए दो जबरदस्त भूकंपों के बाद बेहाल वेनेजुएला के लोग और बचाव दल बचे हुए लोगों की तलाश में जुटे हुए हैं।
सरकार ने बताया कि काराकस और आसपास के इलाकों में भूकंप से भारी तबाही के बाद 172 लोग फंसे हुए हैं। 920 लोगों की मौत हो गई है और 3360 लोग घायल हैं। 50 हजार से ज्यादा लोगों के लापता होने की खबर है।
सरकार ने सबसे ज्यादा प्रभावित इलाके में लोगों के आने-जाने पर सख्ती बढ़ा दी है। दुनियाभर से 1600 राहतकर्मी वेनेजुएला पहुंच गए हैं और बचाव कार्य में मदद कर रहे हैं।
वेनेजुएला के लिए भारत का ‘ऑपरेशन अमिस्ताद’
एएनआइ के अनुसार, वेनेजुएला की मदद के लिए भारत ने ‘ऑपरेशन अमिस्ताद’ शुरू किया और जरूरी चिकित्सा सामग्री भेजी। ‘भीष्म क्यूब’ (आरोग्य मैत्री पोर्टेबल अस्पताल) के जरिये प्रभावित इलाकों में घायलों का इलाज किया जा रहा है।
भारतीय वायु सेना के दो बोइंग सी-17 ग्लोबमास्टर विमानों से 35 टन राहत सामग्री, जरूरी दवाएं और मेडिकल उपकरण ले जाए गए। यह भारत द्वारा अब तक किए गए सबसे दूर के मानवीय मिशनों में से एक है।
वेनेजुएला आने वाले लोगों के लिए ला गुएरा समुद्र तट एक लोकप्रिय जगह है। यहां कम से कम 100 इमारतें या तो पूरी तरह नष्ट हो गईं या उन्हें काफी नुकसान पहुंचा। इनमें कई ऊंची रिहायशी इमारतें भी शामिल हैं।
यहां के निवासी और कार्यकर्ता कई दिनों से भारी मशीनों की कमी और सरकारी मदद नहीं मिलने की शिकायत कर रहे हैं।
वेनेजुएला की अंतरिम राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने कहा कि 14 हजार सैनिक और पुलिसकर्मी राहत कार्यों के लिए ला गुएरा में तैनात हैं। 10 और देशों की टीमें भी इसमें शामिल होने वाली हैं।
विदेश मंत्रालय के अधिकारी ओलिवर ब्लैंको ने बताया कि बचाव टीमों के 1600 से ज्यादा सदस्यों को लेकर 17 उड़ानें वेनेजुएला पहुंची हैं। अगले 24 घंटों में 25 और उड़ानों के आने की उम्मीद है। अमेरिका ने कहा कि वह 150 मिलियन डॉलर की मदद जुटा रहा है और प्रतिबंधों में ढील दे रहा है।