सावधान! अगले 48 घंटे भारी पड़ सकते हैं, 21 राज्यों में तूफान और मूसलाधार बारिश का ऑरेंज अलर्ट…

 देश के कई हिस्सों में चल रही भीषण गर्मी और लू के बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग ने बड़ी राहत भरी खबर दी है। मौसम विभाग ने आज 21 राज्यों में भारी बारिश, गरज-चमक के साथ आंधी और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है।

विभाग के अनुसार, इन राज्यों में 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने की संभावना है। इस मौसम प्रणाली के कारण तापमान में 4 से 8 डिग्री तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे आम जनजीवन को गर्मी से काफी राहत मिलने की उम्मीद है।

मौसम विभाग के अनुसार आज 21 राज्यों दिल्ली, उत्तर प्रदेश दिल्ली बिहार हरियाणा पंजाब राजस्थान झारखंड छत्तीसगढ़ मध्य प्रदेश हिमाचल प्रदेश जम्मू-कश्मीर उत्तराखंड लद्दाख पश्चिम बंगाल ओडिशा सिक्किम महाराष्ट्र असम त्रिपुरा नागालैंड तमिलनाडु, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में अत्यधिक भारी बारिश और कुछ इलाकों में बिजली गिरने की भी आशंका जताई गई है।

मौसम विभाग की सलाह

आईएमडी ने आम लोगों, खासकर किसानों, यात्रियों और खुले में काम करने वालों को सतर्क रहने की सलाह दी है। तेज हवा के साथ बारिश की वजह से पेड़ उखड़ने, बिजली के खंभों के गिरने और कमजोर ढांचों को नुकसान पहुंचने की संभावना है।

कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि इस बारिश से गर्मी से परेशान फसलों को फायदा पहुंच सकता है, लेकिन कहीं-कहीं जलभराव और फसलों को नुकसान का भी खतरा है।

दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कल दोपहर के बाद आसमान में बादल छा सकते हैं। तेज हवाओं के साथ मध्यम से भारी बारिश होने की संभावना है। अधिकतम तापमान में 5-6 डिग्री की गिरावट दर्ज किए जाने की संभावना है।

केरलम में अब तक 33 प्रतिशत कम वर्षा

देश में मानसून की सुस्त रफ्तार का असर दिखने लगा है। केरलम में मानसून के इस सीजन में अब तक 33 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है। सबसे ज्यादा वायनाड जिला प्रभावित हुआ है, जहां 64 प्रतिशत कम बारिश हुई है। देश में दक्षिण-पश्चिम मानसून सबसे पहले इसी राज्य में दस्तक देता है।

मौसम विभाग के अधिकारियों के अनुसार, मानसून के मौसम में केरलम के केवल चार जिलों तिरुअनंतपुरम, कोल्लम, पतनमतिट्टा और त्रिशूर में ही सामान्य वर्षा हुई है।

मौसम विज्ञान विभाग की प्रभारी निदेशक वीके मिनी ने बताया कि आने वाले दिनों में वर्षा में कमी जारी रहती है तो इनमें से भी कुछ जिले कम बारिश वाली श्रेणी में आ सकते हैं। मौसम विभाग के मानदंडों के अनुसार, जब वर्षा की कमी 19 प्रतिशत से अधिक हो जाती है तो उस जिले को कम बारिश वाला माना जाता है।

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