बीते 10 दिनों से ईरान पर अमेरिकी-इजरायली हमले जारी हैं। ईरान पर पलटवार कर रहा है। इस बीच यूनाइटेड स्टेट्स सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने मंगलवार को ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के पहले 10 दिनों की समरी जारी की है।
कमांड ने अपने एक्स अकाउंट पर कहा, “CENTCOM ने अमेरिका के राष्ट्रपति के निर्देशन में ऑपरेशन एपिक फ्यूरी शुरू किया। इसकी सेना ईरान के सिक्योरिटी सिस्टम को खत्म करने के लिए साइट्स को टारगेट कर रही है और उन जगहों पर फोकस कर रही है जहां से तुरंत खतरा है।”
5 हजार से ज्यादा टारगेट पर हुआ अटैक
कमांड के अनुसार, 28 फरवरी का ऑपरेशन सुबह 1:15 बजे शुरू हुआ। हालांकि इसमें टाइम जोन के बारे में नहीं बताया गया। इसमें यह भी बताया गया कि अमेरिकी सेना ने अब तक ईरान में 5,000 से ज्यादा टारगेट पर हमला किया है और इस अभियान में 50 से ज्यादा ईरानी जहाज डैमेज या नष्ट हो गए हैं।
अमेरिका ने ईरान में ऐसे मचाई तबाही
कमांड ने बताया कि अमेरिका ने ईरान पर हमला करने के लिए सबसे बेहतर उपकरणों का इस्तेमाल किया है। इसमें बी-1 बॉम्बर्स, बी-2 स्टील्थ, बी-52 बॉम्बर्स, लुकास ड्रोन्स, पैट्रियट मिसाइल डिफेंस सिस्टम, थाड एंटी-बैलिस्टिक मिसाइल सिस्टम्स, एफ-15 फाइटर्स, एफ-16 फाइटर्स, एफ-18 फाइटर्स, एफ-22 फाइटर्स, एफ-35 स्टील्थ बॉम्बर्स, ए-10 अटैक जेट्स, ईए-18 जी इलेक्ट्रॉनिक अटैक एयरक्राफ्ट और एईडब्लू&सी एयरक्राफ्ट शामिल हैं।
इसके अलावा, ई-2डी एडवांस्ड हॉक, आई एयरबोर्न कम्युनिकेशन रिले, यू-2 ड्रैगन लेडी, पी-8 मैरीटाइम पेट्रोल एयरक्राफ्ट, आरसी-135 रिकॉनेंस एयरक्राफ्ट, एमक्यू-9 रीपर्स, एम-142 हाई आर्टिलरी रॉकेट सिस्टम्स, न्यूक्लियर पावर्ड एयरक्राफ्ट कैरियर गाइडेड मिसाइल डिस्ट्रॉयर काउंटर-ड्रोन सिस्टम्स, रिफ्यूलिंग टैंकर, एयरक्राफ्ट रिफ्यूलिंग शिप, सी-17 ग्लोबमास्टर कार्गो एयरक्राफ्ट, सी-130 कार्गो एयरक्राफ्ट, ईसी-130एच कंपास कॉल काउंटर-रॉकेट, आर्टिलरी और मोर्टार सिस्टम्स का भी इस्तेमाल किया गया।
ईरान में कहां-कहां पर किया हमला
CENTCOM के मुताबिक, अमेरिकी सेना ने ईरानी सेना के कमांड और कंट्रोल सेंटर, इंटीग्रेटेड एयर डिफेंस सिस्टम, बैलिस्टिक मिसाइल साइट, नेवी के जहाज और सबमरीन, एयर डिफेंस सिस्टम, एंटी-शिप मिसाइल, मिलिट्री कम्युनिकेशन कैपेबिलिटी, और बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन बनाने वाली जगहों पर हमला किया है।
कमांड ने बताया कि एलीट इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के हेडक्वार्टर की बिल्डिंग और इंटेलिजेंस साइट्स को भी निशाना बनाया गया।