प्रियंका प्रसाद (ज्योतिष सलाहकार): केवल व्हाट्सएप मेसेज 94064 20131
ज्योतिष शास्त्र की मान्यताओं के अनुसार, जीवन में ग्रह और नक्षत्रों का विशेष महत्व है।
सनातन धर्म में कोई भी शुभ वह मांगलिक कार्य शुभ मुहूर्त देखने के बाद ही किया जाता है। इसमें ग्रह और नक्षत्रों का जरूरी भूमिका होती है।
कई योग शुभ माने गए हैं, तो वहीं कुछ योग अशुभ भी होते हैं। अगर आपको जन्म भी इनमें से किसी योग में हुआ है, तो इसका अर्थ यह माना जाता है कि आप बहुत भाग्यशाली हैं।
कौन से हैं 27 योग
- विष्कुंभ
- प्रीति
- आयुष्मान
- सौभाग्य
- शोभन
- अतिगंड
- सुकर्मा
- धृति
- शूल
- गंड
- वृद्धि
- ध्रुव
- व्याघात
- हर्षण
- वज्र
- सिद्धि
- व्यतिपात
- वरीयान
- परिध
- शिव
- सिद्ध
- साध्य
- शुभ
- शुक्ल
- ब्रह्म
- इंद्र
- वैधृति
भाग्यशाली होते हैं ये लोग
ज्योतिष शास्त्र में गजकेसरी योग को बेहद खास माना गया है। यह योग गुरु (बृहस्पति) और चंद्रमा की युति से बनता है। ऐसे में इस योग में जन्म लेने वाले लोग बहुत खास और भाग्यशाली माने जाते हैं।
इसके साथ ही हर्षण योग में जन्म लेने वाला व्यक्ति को भी भाग्यशाली कहा गया है।
माना जाता है कि इस योग में जन्म लेने वाले लोग अनेक विद्याओं के ज्ञाता होते हैं। साथ ही वह शास्त्रों में पारंगत होते हैं और अपने फैसले पर अडिग रहनेते हैं।