पश्चिम बंगाल से घुसपैठियों को बाहर निकालने का अपना इरादा साफ करते हुए, मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सोमवार को कहा कि चुनावी सूचियों से नाम हटाने का काम पहले ही हो चुका है।
अब जल्द ही उनको देश से भी निकाला जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार ने जनगणना की प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिसको तृणमूल सरकार ने लटका कर रखा था।
कोलकाता के कैमक स्ट्रीट में एक सभा को संबोधित करते हुए अधिकारी ने कहा, “पहले हमने (अवैध लोगों को) वोटर लिस्ट में पहचाना, फिर हमने उन्हें लिस्ट से हटाया, और अब उनके देश-निकाले का समय आ गया है।” हालांकि, उन्होंने इसके लिए कोई समय-सीमा नहीं बताई।
अवैध निर्माण के खिलाफ भी होगी कार्रवाई
कोलकाता के तिलजला इलाके में अवैध निर्माण के खिलाफ राज्य सरकार की मुहिम को लेकर हुई हिंसा का जिक्र करते हुए अधिकारी ने कहा, “आपने तिलजला में हुई कार्रवाई देखी है। वे कोर्ट गए हैं और ऐसा करने के लिए वे आजाद हैं।” उनके पास कोई बिल्डिंग प्लान नहीं है और हम अब ऐसी चीजों की इजाजत नहीं देंगे।
पार्क सर्कस में उन्होंने जो किया है, उसकी कीमत उन्हें चुकानी पड़ेगी। उन्होंने आसनसोल में एक पुलिस चौकी में तोड़फोड़ की। इसके 200 प्रतिशत नतीजे भुगतने पड़ेंगे।”
हर सोमवार चलेगा जनता का दरबार
अधिकारी ने यह भी कहा कि पिछले कुछ दिनों में बंगाल में एक साफ बदलाव देखने को मिला है। इसके अलावा उन्होंने कहा, लाउडस्पीकर सिर्फ धार्मिक स्थलों तक ही सीमित रहने चाहिए।
जल्द ही बहुत सारा काम किया जाएगा। मालूम हो कि, इससे पहले मुख्यमंत्री ने अपना पहला सार्वजनिक शिकायत निवारण कार्यक्रम ‘जनता का दरबार’ सॉल्ट लेक स्थित BJP दफ्तर में आयोजित किया।
यह कार्यक्रम, जो हर सोमवार को आयोजित किया जाना है, पार्टी मुख्यालय और प्रशासनिक स्तर दोनों जगहों पर चलाया जाएगा। अधिकारी ने कहा, “हमने इस कार्यक्रम की शुरुआत पार्टी दफ्तर से की है।
यह एक ऐसा कार्यक्रम है जहां लोग हमसे सीधे बात कर सकेंगे। इस दौरान उनके साथ BJP की प्रदेश महासचिव लॉकेट चटर्जी और शशि अग्निहोत्री भी मौजूद थी।