एक और मुस्लिम देश ने इजरायल के साथ किया अब्राहम समझौते का ऐलान, ट्रंप के सामने बताया पूरा प्लान — जानें क्या है इसके तहत…

कजाकिस्तान ने एक बड़ा ऐलान कर दिया है. मध्य एशिया का यह मुस्लिम बहुल देश इजरायल और मुख्य रूप से मुस्लिम देशों के बीच होने वाले अब्राहम समझौते में शामिल होने वाला है.

यह अपने आप में एक बड़े पैमाने पर प्रतीकात्मक कदम होगा, जिसका उद्देश्य मिडिल ईस्ट में शांति के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रयास को बढ़ावा देना है.

ट्रम्प ने कजाकिस्तान में शामिल होने को “दुनिया भर में पुलों (दोस्ती) के निर्माण में एक बड़ा कदम” बताया और कहा कि “मेरे अब्राहम समझौते के माध्यम से अधिक राष्ट्र शांति और समृद्धि को अपनाने के लिए कतार में हैं.” एक हस्ताक्षर समारोह जल्द ही इस समझौते को आधिकारिक बना देगा. ट्रंप ने कहा है कि “कई और देश ताकत के इस क्लब में शामिल होने की कोशिश कर रहे हैं.”

कजाकिस्तान और इजरायल के बीच अब्राहम समझौता

मध्य एशियाई गणराज्य, कजाकिस्तान के इजरायल के साथ दशकों से राजनयिक संबंध रहे हैं. इससे पहले ट्रंप के पहले कार्यकाल के दौरान चार अरब देशों ने भी इजरायल के साथ अब्राहम समझौता किया था.

उन अरब देशों का इजरायलक के साथ राजनयिक संबंध नहीं रहे थे. अब ट्रंप की कोशिश है कि जितने अधिक मुस्लिम देश इजरायल के साथ इस समझौते में शामिल हो जाएं, उतना अच्छा है.

ट्रंप का लक्ष्य अपने नाजुक गाजा युद्धविराम समझौते को मजबूत करना है, वाशिंगटन एक व्यापक शांति पहल के पीछे जितना संभव हो उतना समर्थन प्राप्त करने पर जोर दे रहा है.

कजाकिस्तान भौगोलिक रूप से अन्य अब्राहम समझौते करने वाले देशों – बहरीन, मोरक्को, सूडान और संयुक्त अरब अमीरात की तुलना में इजरायल से बहुत दूर है. यानी यह कुल मिलाकर एक प्रतिकात्मक कदम ही है.

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