नई पीढ़ी को सनातन परंपरा से जोड़ने की पहल करते हुए कर्नाटक के श्रृंगेरी शारदा पीठ ने एक सराहनीय पहल करते हुए देशव्यापी श्रीमद रामायण परीक्षा-2026 की घोषणा की है।
यह परीक्षा केवल एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि बच्चों के भीतर मर्यादा, आदर्श और धर्म के मूल्यों को जागृत करने का एक सशक्त माध्यम है।
बाल भारती पहल के तहत आयोजित इस परीक्षा का उद्देश्य ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान विद्यार्थियों को रामायण जैसे महान ग्रंथ से जोड़ना और उन्हें सनातन की गौरवशाली विरासत से परिचित कराना है।
दो स्तरों में होगी परीक्षा
कक्षा चार से 10 तक के विद्यार्थियों के लिए दो स्तरों में होने वाली इस परीक्षा में न केवल ज्ञान की परख होगी, बल्कि जीवन मूल्यों की भी नींव मजबूत होगी।
प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले को 50,000 रुपये, द्वितीय को 40,000 और तृतीय को 30,000 रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा।
बच्चों को जड़ों से जोड़ने का प्रयास
साथ ही विशेष पुरस्कार, प्रमाण पत्र, मेडल और श्रृंगेरी यात्रा का अवसर भी मिलेगा। नौ मई से प्रारंभ होकर विभिन्न चरणों में होने वाली यह परीक्षा आज के दौर में बच्चों को अपनी जड़ों से जोड़ने और सनातन संस्कृति के प्रकाश को आगे बढ़ाने का एक प्रेरणादायक प्रयास है।