अंडमान हेलीकॉप्टर हादसा: फ्लोटेशन सिस्टम सक्रिय न होने से हुआ दुर्घटना, AAIB रिपोर्ट में खुलासा…

अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के मायाबंदर के पास 24 फरवरी को समुद्र में पवन हंस हेलीकाप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (एएआइबी) की शनिवार को जारी रिपोर्ट के अनुसार, हेलीकाप्टर के आपातकालीन फ्लोटेशन सिस्टम को लैंडिंग के दौरान सक्रिय नहीं किया गया था।

एएआइबी ने दुर्घटना पर अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट में सिफारिश की है कि विमानन सुरक्षा नियामक संस्था सभी वाणिज्यिक हेलीकाप्टर आपरेटरों के संचालन की मौके पर जांच करे, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वे इस आवश्यकता का अनुपालन कर रहे हैं।

कैसे हुई दुर्घटना?

संस्था ने डीजीसीए को भी सिफारिश की है कि वह अपने पायलटों को सभी लागू आपरेशनों के लिए फ्लोट सिस्टम को सक्रिय करने के लिए जागरूक करे।प्रारंभिक रिपोर्ट में बताया गया है कि पवन हंस हेलीकाप्टर ने मायाबंदर हेलीपैड पर उतरने का प्रयास किया, जिसे सह-पायलट द्वारा संचालित किया जा रहा था।

अंतिम चरण में मुड़ने के बाद हेलीकाप्टर तेजी से नीचे उतरने लगा और दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इसमें कहा गया है, ”पानी से टकराने पर हेलीकाप्टर के फ्लोट सक्रिय नहीं हुए। हेलीकाप्टर दाईं ओर पलट गया।

दुर्घटनास्थल पर समुद्र की गहराई केवल 4-5 फीट होने के कारण हेलीकाप्टर का बायां हिस्सा जलस्तर से ऊपर था।” प्रारंभिक रिपोर्ट में बताया गया है कि इस दुर्घटना में एक यात्री की मौत हो गई थी”।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *