ईरान पर एक हमले ने पलटा पूरा खेल? अमेरिका-इजरायल की सत्ता परिवर्तन रणनीति पर उठे सवाल…

अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर जब हमला किया था, तब वहां सत्ता परिवर्तन की रणनीति भी तैयार की गई थी।

अमेरिका और इजरायल ने युद्ध के शुरुआती दिनों में सत्ता परिवर्तन की योजना के तहत ईरान के कट्टरपंथी नेता महमूद अहमदीनेजाद को राष्ट्रपति बनाने पर विचार किया था। अमेरिकी अखबार न्यूयार्क टाइम्स की रिपोर्ट में यह दावा किया गया है।

क्या था US-इजरायल का प्लान?

अमेरिका और इजरायल ने 28 फरवरी को ईरान पर हमला किया था और आठ अप्रैल को यह युद्ध थमा था। युद्ध के पहले दिन ही ईरान के सर्वोच्च नेता और कई शीर्ष अधिकारी मारे गए थे।

अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर जब हमला किया था, तब वहां सत्ता परिवर्तन की रणनीति भी तैयार की गई थी।

अमेरिका और इजरायल ने युद्ध के शुरुआती दिनों में सत्ता परिवर्तन की योजना के तहत ईरान के कट्टरपंथी नेता महमूद अहमदीनेजाद को राष्ट्रपति बनाने पर विचार किया था। अमेरिकी अखबार न्यूयार्क टाइम्स की रिपोर्ट में यह दावा किया गया है।

क्या था US-इजरायल का प्लान?

अमेरिका और इजरायल ने 28 फरवरी को ईरान पर हमला किया था और आठ अप्रैल को यह युद्ध थमा था। युद्ध के पहले दिन ही ईरान के सर्वोच्च नेता और कई शीर्ष अधिकारी मारे गए थे।

क्योंकि युद्ध के पहले दिन ही इजरायली हमले में अहमदीनेजाद घायल हो गए थे और इसके बाद वह सत्ता परिवर्तन की योजना से निराश हो गए।

अहमदीनेजाद के तेहरान स्थित घर पर इजरायली हमला दरअसल उन्हें नजरबंदी से मुक्त कराने के उद्देश्य से किया गया था। इस घटना के बाद से वह सार्वजनिक रूप से नजर नहीं आए।

कौन हैं अहमदीनेजाद?

2005 से 2013 तक राष्ट्रपति रहे 69 वर्षीय अहमदीनेजाद अपने कार्यकाल के दौरान ”इजरायल को नक्शे से मिटा देंगे” जैसे बयानों के लिए चर्चित रहे।

वह ईरान के परमाणु कार्यक्रम के प्रबल समर्थक और अमेरिका के कट्टर विरोधी रहे। पिछले कुछ वर्षों से उन्हें नजरबंद रखा गया था और राष्ट्रपति चुनाव लड़ने के अयोग्य घोषित किए गए थे।

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