‘गोला-बारूद चाहिए…’ – Volodymyr Zelenskyy ने Russia-Ukraine War के चार साल पूरे होने पर किए कई अहम खुलासे

रूस-यूक्रेन युद्ध को ठीक चार साल पूरे होने पर यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने उस सीक्रेट बंकर का खुलासा किया है, जहां से उन्होंने रूस के आक्रमण का पहला जवाब दिया था।

युद्ध के चार साल पूरे होने के मौके पर जेलेंस्की ने राष्ट्र को संबोधित करते हुए एक भावुक करने वाला वीडियो जारी किया। यह वीडियो कीव के सुरक्षित बंकर कॉम्प्लेक्स के अंदर रिकॉर्ड किया गया।

19 मिनट के वीडियो मैसेज में क्या है?

लगभग 19 मिनट लंबे इस भाषण में जेलेंस्की ने बताया कि व्लादिमीर पुतिन अपने मकसद हासिल करने में पूरी तरह नाकाम रहे हैं। वे यूक्रेनी जनता की एकजुटता को कभी नहीं तोड़ पाए। उन्होंने कहा, ‘यह ऑफिस, बैंकोवा स्ट्रीट पर बंकर में यह छोटा कमरा यहीं पर मैंने युद्ध की शुरुआत में दुनिया के नेताओं के साथ अपनी पहली बातचीत की थी।’

बाइडेन ने जेलेंस्की से क्या कहा था?

वीडियो में जेलेंस्की ने उस कमरे की याद ताजा की, जहां उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन से बात की थी। उन्होंने बताया, ‘यहां मैंने प्रेसिडेंट जो बाइडेन से बात की, और यहीं मैंने सुना कि ‘वोलोडिमिर, खतरा है।

आपको यूक्रेन को तुरंत छोड़ना होगा। हम इसमें मदद करने के लिए तैयार हैं.’ इस पर जेलेंस्की ने जवाब दिया, ‘मुझे गोला-बारूद चाहिए, सवारी नहीं।’ यह जवाब 26 फरवरी 2022 को ब्रिटिश दूतावास के जरिए मैसेज दिया गया था, जब युद्ध शुरू हुए मात्र दो दिन बीते थे।

जेलेंस्की ने सुनाई बंकर की कहानी 

वीडियो फुटेज में सोवियत युग का विशाल बम शेल्टर साफ नजर आया, जिसे कीव पर हमले की स्थिति में पूरी सरकार को बचाने के लिए बनाया गया था। इसमें राष्ट्रपति कार्यालय, मंत्रिमंडल और संसद के लिए अलग-अलग छोटे कमरे दिखे। हर कमरे में करीब एक दर्जन कुर्सियां, टीवी स्क्रीन और यूक्रेनी झंडा मौजूद था।

दीवारों पर काली केबलें, छत पर गैस पाइप और बिजली बॉक्स दिखे। नीले-पीले साइन सुरंगों में रास्ता दिखाते थे, जबकि चमकीले पोस्टर यूक्रेनी सैनिकों को श्रद्धांजलि देते नजर आए।

ट्रंप का प्रस्ताव 

चार साल की जंग और भारी नुकसान के बाद यूक्रेन अब थकान महसूस कर रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप, कीव पर शांति समझौते का दबाव बढ़ा रहे हैं, जिसमें रूस को कुछ इलाका देने का प्राविधान शामिल हो सकता है। रूस की तरफ से लगातार मिसाइल और ड्रोन हमलों ने स्थिति को कठिन बना दिया है।

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