सीमाओं पर अभेद्य सुरक्षा का संकल्प, अमित शाह बोले- सरकार BSF के कार्यक्षेत्र के विस्तार पर कर रही विचार…

 केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि सरकार सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के कार्यक्षेत्र का विस्तार कर उसे नए सेक्टर सौंपने पर विचार कर रही है। उन्होंने घोषणा की कि पारंपरिक सीमा सुरक्षा के पूरक के रूप में क्षेत्रीय सुरक्षा का एक नया प्रतिमान जोड़ा जाएगा।

गुजरात के कच्छ जिले के दौरे पर आए शाह ने बीएसएफ कर्मियों को संबोधित करते कहा कि पाकिस्तान के साथ लगती सीमा पर स्थित हरा-मी नाला और सरक्रीक क्षेत्रों के संवेदनशील हिस्सों को सुरक्षित करने के लिए जारी काम लगभग 70 प्रतिशत पूरा हो चुका है।

आगे कहा कि अब सीमा सुरक्षा के संबंध में बीएसएफ की अवधारणा को बदलने का निर्णय लिया गया है। बीएसएफ वर्तमान में पाकिस्तान और बांग्लादेश के साथ लगती भारत की सीमाओं की रक्षा करती है।

अमित शाह ने कहा कि जब मैंने गृह मंत्री के रूप में पदभार संभाला तो बीएसएफ के अभियानों की पहली बार समीक्षा की। इस दौरान हरा-मी नाला और सरक्रीक क्षेत्र की सुरक्षा तैयारियों के मामले में कुछ कमी दिखी। सरकार ने अब हर स्तर पर एक लीक-प्रूफ सुरक्षा ग्रिड स्थापित करने के उद्देश्य से एक कार्य योजना तैयार की है।

इस योजना के तहत चौकियों के निर्माण और संपर्क सड़कों के विकास से लेकर पेयजल, चिकित्सा सेवाओं, आवासीय सुविधाओं और नई बाड़बंदी की व्यवस्था तक के उपाय शामिल किए गए हैं।

गृह मंत्री ने कहा कि यह कार्य लगभग 70 प्रतिशत पूरा हो चुका है

गृह मंत्री ने कहा कि यह कार्य लगभग 70 प्रतिशत पूरा हो चुका है। अगले दो वर्षों के अंदर यह संवेदनशील क्षेत्र दुश्मन की कुदृष्टि से स्थायी रूप से सुरक्षित हो जाएगा। सरकार ने बीएसएफ के 60वें स्थापना दिवस पर उसकी सीमा सुरक्षा की अवधारणा में पूरी तरह से बदलाव करने का निर्णय लिया है।

आने वाले दिनों में हम चार-स्तरीय अवधारणा पर आधारित एक सुरक्षा ग्रिड स्थापित करेंगे। इसके साथ ही पारंपरिक सीमा सुरक्षा के साथ ही क्षेत्रीय सुरक्षा का एक नया मॉडल भी शुरू करेंगे। इसमें आम जनता, नागरिक प्रशासन, स्थानीय पुलिस और सेना की भागीदारी होगी। स्वाभाविक रूप से बीएसएफ के जवान इस प्रयास में केंद्रीय भूमिका निभाते रहेंगे।

अमित शाह ने कहा कि स्मार्ट बार्डर सिक्योरिटी परियोजना के तहत किए जा रहे इस प्रयास के माध्यम से सरकार भारत की पूरी सीमा पर सुरक्षा ढांचे को मजबूत करने का कार्य कर रही है, जिसमें बांग्लादेश और पाकिस्तान से लगती दोनों सीमाएं शामिल हैं।

इस परियोजना में हजारों करोड़ रुपये का निवेश हो रहा है। इसकी योजना बनाने की प्रक्रिया वर्तमान में जारी है। ड्रोन, रडार, वाच टावर, अत्याधुनिक तकनीक और बीएसएफ के वीर जवानों जैसे विभिन्न मजबूत घटकों को एकीकृत कर एक अभेद्य सुरक्षा ग्रिड स्थापित किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि हम आपके कार्यक्षेत्र के विस्तार पर भी विचार कर रहे हैं, ताकि इसमें अतिरिक्त जिम्मेदारी वाले क्षेत्र शामिल किए जा सकें। निकट भविष्य में बीएसएफ को नए सेक्टर और परिचालन क्षेत्र सौंपने पर हम सक्रिय रूप से विचार कर रहे हैं।

बंगाल से सटी बांग्लादेश सीमा को बताया बहुत ही संवेदनशील

बंगाल से सटी बांग्लादेश सीमा का जिक्र करते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि भारत की सीमा सुरक्षा व्यवस्था में सबसे बड़ी संवेदनशीलता इसी क्षेत्र में है। बंगाल में अब भाजपा की सरकार है।

मुख्यमंत्री ने केवल एक सप्ताह के भीतर ही बाड़बंदी के लिए आवश्यक भूमि आवंटित करने का सैद्धांतिक निर्णय लिया है। बाड़बंदी का काम पूरा हो जाने के बाद सरकार बड़े पैमाने पर घुसपैठ को रोकने में सफल होगी।

घुसपैठियों के लिए केवल जंगल, पहाड़ और नदी मार्ग ही बचेंगे। इन क्षेत्रों में तकनीकी बाड़बंदी समाधानों को लागू करने का काम जारी है।

सीमा चौकी जी-7 का उद्घाटन करने के साथ ही हरा-मी नाला का किया दौरा

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सीमावर्ती क्षेत्रों के दौरे पर हैं। वह स्थानीय अधिकारियों और बीएसएफ के वरिष्ठ अधिकारियों से बातचीत कर रहे हैं। उन्होंने सुबह सीमा चौकी जी-7 का उद्घाटन किया, ओपी टावर 1170 के नियंत्रण कक्ष का निरीक्षण किया और हरा-मी नाला का दौरा किया।

वहां उन्होंने एक पौधा भी लगाया। इस दौरान उन्होंने कहा कि सरकार ने कठोर मौसम की स्थिति में बीएसएफ कर्मियों को होने वाली कठिनाइयों को कम करने के लिए आवश्यक धनराशि आवंटित करने और नवीनतम तकनीकी का उपयोग करने में कभी संकोच नहीं किया है।

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