केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में महिला आरक्षण संशोधन विधेयक के खिलाफ मतदान करने के लिए कांग्रेस और द्रमुक पर जमकर निशाना साधा।
विपक्ष पर महिलाओं के हितों की अनदेखी करने और राज्य के विकास में बाधा डालने का आरोप लगाते हुए उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस और द्रमुक ने महिला आरक्षण विधेयक के खिलाफ मतदान कर देश और तमिलनाडु की महिलाओं को उनके अधिकारों से वंचित रखा है, उनसे धोखा किया है।
हालांकि, शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार इस ‘षड्यंत्र’ को सफल नहीं होने देगी और देश की महिलाओं को न्याय दिलाएगी।
रविवार को तमिलनाडु के इरोड में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए शाह ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार तमिलनाडु में विधानसभा सीटों की संख्या 50 प्रतिशत तक बढ़ाने के पक्ष में थी, ताकि जनसंख्या के अनुपात में प्रतिनिधित्व मिल सके, लेकिन इन दलों ने अपने निहित स्वार्थों और 2026 की जनगणना की शर्त रखकर इस प्रक्रिया में साजिश के तहत बाधा उत्पन्न की।
तमिलनाडु सरकार पर शाह का हमला
शाह ने विश्वास दिलाया कि मोदी सरकार इस साजिश को सफल नहीं होने देगी और राज्य की महिलाओं के लिए न्याय सुनिश्चित करेगी।
23 अप्रैल को होने वाले विधानसभा चुनावों के मद्देनजर मोडाकुरिची से भाजपा उम्मीदवार कीर्तिका शिवकुमार के समर्थन में आयोजित रोड शो में वंशवाद पर प्रहार करते हुए शाह ने द्रमुक के शीर्ष नेतृत्व पर तीखा कटाक्ष किया।
शाह ने मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन पर निशाना साधते हुए कहा कि स्टालिन का पूरा ध्यान केवल अपने बेटे (उदयनिधि) को मुख्यमंत्री बनाने पर केंद्रित है।
उन्होंने कहा कि एम. करुणानिधि से शुरू हुआ यह सिलसिला अब स्टालिन और उनके पुत्र तक पहुंच गया है, जो तमिलनाडु के लोकतंत्र के लिए हानिकारक है।
इसके अतिरिक्त, अमित शाह ने द्रमुक शासन के दौरान व्याप्त भ्रष्टाचार और राज्य की बिगड़ती कानून-व्यवस्था को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए। अमित शाह ने विश्वास जताया कि राज्य में अन्नाद्रमुक-भाजपा गठबंधन (राजग) की सरकार बनेगी।
शाह ने जनता से भाजपा उम्मीदवार कीर्तिका को भारी मतों से जिताने की अपील की। उन्होंने कहा कि एक बार सत्ता में आने के बाद, राजग सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी, कानून-व्यवस्था को बेहतर बनाएगी और प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में तमिलनाडु की खोई हुई गरिमा को वापस लेकर आएगी।