बंगाल विधानसभा चुनाव के मतदान से पहले सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस की परेशानी बढ़ गई है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी की चुनावी रणनीति तैयार करने वाली संस्था ‘इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी’ (आई-पैक) ने राज्य में अपना कामकाज तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया है।
सूत्रों के अनुसार संस्था ने कुछ कानूनी ‘बाध्यताओं’ का हवाला देते हुए अपने सभी कर्मचारियों को ईमेल भेजकर 20 दिनों की सवैतनिक छुट्टी पर जाने का निर्देश दिया है।
आई-पैक के फैसले से राजनीतिक गलियारों में खलबली
आई-पैक के इस फैसले ने राजनीतिक गलियारों में खलबली मचा दी है। संस्थान की ओर से जारी ईमेल में स्पष्ट किया गया है कि कानूनी प्रक्रियाओं के कारण फिलहाल बंगाल में परिचालन रोकना जरूरी है।
ईमेल में कहा गया कि हम कानून का सम्मान करते हैं और पूरी प्रक्रिया में सहयोग कर रहे हैं। हमें विश्वास है कि समय पर न्याय मिलेगा। कर्मचारियों से धैर्य बनाए रखने की अपील की गई है और उन्हें 11 मई के बाद अगले दिशा-निर्देशों के लिए संपर्क करने को कहा गया है।
बंगाल में 23 और 29 अप्रैल को मतदान
हैरान करने वाली बात यह है कि बंगाल में आगामी 23 और 29 अप्रैल को दो चरणों में मतदान होना है, जबकि चार मई को चुनावी नतीजे घोषित किए जाएंगे। आई-पैक की 20 दिनों की यह छुट्टी ठीक उसी समय शुरू हुई है जब पार्टी को बूथ प्रबंधन और डेटा विश्लेषण के लिए उनकी सबसे ज्यादा जरूरत थी।
ऐसे महत्वपूर्ण समय में चुनावी रणनीतिकारों का मैदान छोड़ना तृणमूल कांग्रेस के लिए एक बड़ी चुनौती साबित हो सकता है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि रणनीतिक मोर्चे पर आई यह अचानक रुकावट चुनावी नतीजों और पार्टी के जमीनी तालमेल को प्रभावित कर सकती है। फिलहाल, इस कानूनी संकट की स्पष्ट प्रकृति का खुलासा नहीं किया गया है, जिसने कयासों के बाजार को और गर्म कर दिया है।
बताते हैं चले कि अभी कुछ दिन पहले ही ए पाक के सह-संस्थापक व निदेशकों में से एक को गिरफ्तार किया गया है।