अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की पत्नी और फर्स्ट लेडी मेलानिया ट्रंप ने सोमवार को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की एक बैठक की अध्यक्षता की। इस दौरान उन्होंने अपने संबोधन में शिक्षा के जरिये शांति की वकालत की।
उनका यह बयान ईरान पर अमेरिका के हमले और अमेरिकी शिक्षा के फंड में कटौती के बीच आया है।
सहिष्णुता और सहानुभूति को मिले बढ़ावा
मेलानिया ने कहा कि देशों को सहिष्णुता के मूल्यों और दूसरों के प्रति सहानुभूति को बढ़ावा देना चाहिए। उन्होंने उन लोगों की निंदा की, जो पूर्वाग्रह से ग्रसित रहते हैं और मानव गरिमा को महत्व नहीं देते हैं।
उन्होंने अपने संबोधन में उन कुछ देशों को लेकर दुख व्यक्त किया, जो बच्चों और युवाओं को सेकेंडरी स्कूल और विश्वविद्यालय स्तर की शिक्षा से रोकते हैं। मेलानिया ने कहा कि शिक्षा शांतिपूर्ण और खुशहाल समाज की नींव है।
मेलानिया की संबोधन में खास बातें
जो समाज अपनी आबादी के बड़े हिस्से को अलग-थलग कर देता है, वे अपनी क्षमता का केवल मामूली हिस्सा ही हासिल कर पाते हैं। हालांकि मेलानिया ने अपने संबोधन में विविधता, समानता और समावेश जैसे शब्दों का सीधे उपयोग नहीं किया।