चीन में हुए विमान हादसे पर अमेरिका की रिपोर्ट जारी, ‘फ्यूल सप्लाई कटने’ को बताया क्रैश की वजह; 132 लोगों की गई थी जान…

मार्च 2022 में दक्षिणी चीन में हुए घातक विमान हादसे और जून 2025 में अहमदाबाद में एयर इंडिया फ्लाइट 171 के दुर्घटना में आश्चर्यजनक समानताएं सामने आई हैं। 

दोनों मामलों में बोइंग विमानों के दोनों इंजनों का फ्यूल सप्लाई उड़ान के महत्वपूर्ण चरण में अचानक कट ऑफ हो गया, जिससे विमान नियंत्रण खोकर दुर्घटनाग्रस्त हो गए। अमेरिकी जांच एजेंसी NTSB ने हाल ही में जारी किए गए आंकड़ों से यह खुलासा हुआ है।

फ्यूल स्विचेस कट ऑफ पोजीशन में चीन ईस्टर्न प्लेन क्रैश

अमेरिकी नेशनल ट्रांसपोर्टेशन सेफ्टी बोर्ड (NTSB) ने फ्रीडम ऑफ इंफॉर्मेशन एक्ट के तहत जारी दस्तावेजों में बताया कि चीन ईस्टर्न एयरलाइंस की फ्लाइट MU5735 (Boeing 737-800) 29,000 फीट की ऊंचाई पर उड़ान भर रही थी, तभी दोनों इंजनों के फ्यूल स्विचेस Run पोजीशन से Cutoff पोजीशन में चले गए। इसके बाद इंजनों की स्पीड तेजी से घटी।

विमान अंतिम क्षणों में लगभग सीधा खड़ा होकर नीचे की ओर गिरा और जमीन से टकराया। इस हादसे में सवार सभी 132 लोगों की मौत हो गई थी।

बोइंग 737-800 और एयर इंडिया फ्लाइट 171 के Boeing 787 के फ्यूल कंट्रोल स्विचेस अलग-अलग डिजाइन के हैं, लेकिन उनका बुनियादी मैकेनिज्म एक समान है। स्विच को ‘Cutoff’ करने के लिए पहले उसे ऊपर खींचना जरूरी है। यह डिजाइन गलती से स्विच बंद होने से बचाने के लिए बनाया गया है।

एयर इंडिया फ्लाइट 171 की तरह घटना

भारत के एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) की प्रीलिमिनरी रिपोर्ट के अनुसार, 12 जून 2025 को अहमदाबाद से उड़ान भरने के महज कुछ सेकंड बाद एयर इंडिया की Boeing 787 फ्लाइट 171 के दोनों इंजनों के फ्यूल कंट्रोल स्विचेस ‘Run’ से ‘Cutoff’ हो गए।

स्विचेस एक-दूसरे से एक सेकंड के अंतर पर बंद हुए। पायलट्स ने फ्यूल बहाल करने की कोशिश की, लेकिन विमान की ऊंचाई पर्याप्त नहीं थी। इस हादसे में 260 लोगों की जान चली गई थी। फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर (FDR) ने स्विच मूवमेंट को कैप्चर किया, लेकिन विमान के जमीन से टकराने से पहले रिकॉर्डिंग 26,000 फीट की ऊंचाई पर बंद हो गई।

इंजन बंद होने से जनरेटर ऑफलाइन हो गए, जिसके कारण FDR का पावर चला गया (रिकॉर्डर में बैटरी बैकअप नहीं है)। कॉकपिट वॉइस रिकॉर्डर (CVR) में 10 मिनट का बैटरी बैकअप है, इसलिए उसमें क्रू की बातचीत दर्ज होने की संभावना है, लेकिन चीन ने इसे सार्वजनिक नहीं किया है।

चीन की चुप्पी

चीन के सिविल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन (CAAC) ने अब तक इस दुर्घटना की अंतिम रिपोर्ट जारी नहीं की है। दो साल से ज्यादा समय बीत चुका है, लेकिन कोई आधिकारिक अपडेट नहीं आया। चीन ईस्टर्न एयरलाइंस और CAAC ने मीडिया के सवालों का जवाब नहीं दिया।

NTSB ने बोइंग कंपनी की अमेरिकी होने के कारण अंतरराष्ट्रीय प्रोटोकॉल के तहत इस जांच में भाग लिया था और FDR का विश्लेषण वाशिंगटन में किया गया।

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