पश्चिम एशिया में एक बार फिर संघर्ष बढ़ गया है और युद्धविराम पर भारी तनाव आ गया है। अमेरिका ने सोमवार को रातभर ईरान के दक्षिणी हिस्से में स्थित मिसाइल लॉन्च पैड और फास्ट बोट्स को निशाना बनाते हुए भीषण हमले किए। इन हमलों में चार रिवोल्यूशनरी गार्ड्स की मौत की खबर है।
यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है जब राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने कहा कि तेहरान के साथ वार्ता अच्छी तरह आगे बढ़ रही है। ईरान ने इसकी कड़ी निंदा करते हुए इसे अमेरिका की बदनीयती बताया और जवाबी हमले का अल्टीमेटम दिया।
पश्चिम एशिया में अमेरिका को कहीं भी सुरक्षित पनाह नहीं मिलेगी- सुप्रीम लीडर
ईरान के सुप्रीम लीडर ने चेतावनी दी है कि पश्चिम एशिया में अमेरिका को कहीं भी सुरक्षित पनाह नहीं मिलेगी। इससे पहले आईआरजीसी ने दावा किया कि एक अमेरिकी एमक्यू-9 रीपर टोही ड्रोन को मार गिराया गया, जबकि एक अन्य ड्रोन और एफ-35 लड़ाकू विमानों पर फायरिंग करके उन्हें ईरानी हवाई सीमा से भागने पर मजबूर कर दिया गया।
ट्रंप ने ईरान से उच्च संवर्धित यूरेनियम सौंपने को कहा
अमेरिकी हमलों के बीच, राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने ईरान से उच्च संवर्धित यूरेनियम सौंपने को कहा है। युद्धविराम टूटने की आशंका में कच्चे तेल की कीमतें तीन प्रतिशत बढ़कर 100 डॉलर के करीब पहुंच गईं। न्यूयार्क टाइम्स के अनुसार, अमेरिकी सेना (सेंटकाम) ने दावा किया कि उसने दक्षिणी ईरान में आत्मरक्षा में हमले किए, जिनमें मिसाइल प्रक्षेपण स्थलों और समुद्र में बारूदी सुरंगें बिछाने वाली फास्ट बोट्स को निशाना बनाया गया।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड के प्रवक्ता कैप्टन टिम हाकिंस ने कहा कि हमले अमेरिकी सैनिकों को ईरानी खतरों से बचाने के लिए किए गए, लेकिन जारी संघर्ष विराम को देखते हुए संयम बरता गया। वहीं ईरान के समाचार पोर्टल तबनाक ने दावा किया कि अमेरिकी हमलों में रिवोल्यूशनरी गार्ड के चार जवान मारे गए।
बंदर अब्बास शहर में विस्फोटों की खबर
ईरानी सरकारी टीवी ने भी होर्मुज जलडमरूमध्य के पास स्थित बंदर अब्बास शहर में विस्फोटों की खबर दी। ईरान ने अमेरिकी ड्रोन को मार गिराने का दावा करते हुए उसका वीडियो जारी किया है। ईरानी मीडिया के मुताबिक ड्रोन को होर्मुज स्ट्रेट के ऊपर नए एयर डिफेंस सिस्टम से निशाना बनाया गया। जारी वीडियो में समुद्र के पास ड्रोन का कथित मलबा दिखाया गया है।
ईरान का कहना है कि ड्रोन संवेदनशील क्षेत्र में निगरानी मिशन पर था। रिवोल्यूशनरी गार्ड्स एयरोस्पेस फोर्स के कमांडर सैयद माजिद मूसावी ने कहा कि उनकी सेना निर्णायक और तेज जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है। मूसावी ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि दुश्मन के साथ बातचीत सिर्फ नुकसान है।
ईरान ने अमेरिकी हमलों को बताया ‘बदनीयती’ का संकेत
एपी के अनुसार, ईरान ने दक्षिणी हिस्से में अमेरिकी हमलों की कड़ी निंदा करते हुए इसे “बदनीयती और अविश्वसनीयता” का संकेत बताया है। तेहरान ने चेतावनी दी कि अमेरिका को इसके सभी परिणाम भुगतने होंगे। ईरान के विदेश मंत्रालय ने जारी बयान में कहा कि अमेरिकी कार्रवाई युद्धविराम का उल्लंघन है और तेहरान किसी भी आक्रामक कार्रवाई का जवाब दिए बिना नहीं छोड़ेगा।
खामेनेई की अमेरिका को चेतावनी एएनआइ के अनुसार, सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने एक्स पर जारी अपने संदेश में कहा कि समय को वापस नहीं मोड़ा जा सकता। पश्चिम एशिया की ताकतें अब अमेरिकी सैन्य ठिकानों के लिए ढाल नहीं बन सकेंगी और अमेरिका को इस क्षेत्र में सुरक्षित ठिकाना नहीं मिलेगा।
पश्चिम एशिया के देशों की एकजुटता पर जोर देते हुए कहा कि इन देशों के रणनीतिक हित और क्षमताएं एक-दूसरे से जुड़ी हुई हैं। यह जुड़ाव क्षेत्र और पूरी दुनिया में नई व्यवस्था बनाने में मददगार साबित होगा। बयान में ‘अमेरिका का नाश हो’ और ‘इजरायल का नाश हो’ जैसे नारों का जिक्र करते हुए कहा गया कि ये नारे पूरी इस्लामी दुनिया में, खासकर युवा पीढ़ी के बीच, लोगों को एकजुट करने वाले शक्तिशाली नारों के रूप में हमेशा गूंजते रहेंगे।
अमेरिका या आइएईए को अपना यूरेनियम सौंप दे ईरान: ट्रंप
रायटर्स के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने ईरान को फिर से चेतावनी देते हुए कहा है कि वह अपना संवर्धित यूरेनियम अमेरिका या अंतरराष्ट्रीय परमाणु एजेंसी आइएईए को सौंप दे ताकि उसे नष्ट किया जा सके।
ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा, ‘यूरेनियम को या तो तुरंत अमेरिका को सौंप दिया जाए, ताकि उसे वापस ले जाकर नष्ट किया जा सके या ईरान के साथ मिलकर उसे उसी जगह पर या किसी अन्य स्वीकार्य स्थान पर नष्ट कर दिया जाए, जो कि ज्यादा बेहतर विकल्प है।’
ट्रंप ने आगे लिखा, ‘इस पूरी प्रक्रिया और घटना के गवाह के तौर पर परमाणु ऊर्जा आयोग या उसके समकक्ष कोई संस्था मौजूद रहेगी।’
दोहा वार्ता में प्रगति, ईरान की फ्रीज संपत्ति आखिरी अड़चन
ईरान और अमेरिका के बीच जारी अप्रत्यक्ष वार्ता में प्रारंभिक समझौते के मसौदे (मेमोरैंडम आफ अंडरस्टैंडिंग) पर प्रगति हुई है। वार्ता से जुड़े एक अधिकारी के अनुसार, ईरान ने विदेश में फ्रीज करीब 24 अरब डालर के फंड जारी करने की मांग प्रमुख रूप से उठाई है। फार्स समाचार एजेंसी के अनुसार, फ्रीज फंड की रिहाई ही समझौता ज्ञापन को अंतिम रूप देने में बचा सबसे बड़ा विवादित मुद्दा है।
लेबनान में जमीनी अभियान बढ़ा रहा इजरायल
एएनआई ने इजरायली मीडिया के हवाले से बताया कि इजरायली सेना ने दक्षिणी लेबनान में अपनी जमीनी सैन्य कार्रवाई का दायरा बढ़ा दिया है। बताया गया है कि सेना अब तथाकथित “येलो लाइन” से आगे भी अभियान चला रही है। यह क्षेत्र लेबनानी सीमा के भीतर लगभग 10 किलोमीटर तक फैला माना जाता है।
हिजबुल्ला के 100 से अधिक ठिकानों पर हवाई हमले भी किए गए हैं। इजरायल के एक हमले में 12 लोग मारे गए। जवाब में हिजबुल्ला ने भी राकेट, टैंक और विस्फोटक ड्रोन से इजरायली सेना पर जवाबी कार्रवाई की है।