अमेरिका और इजरायल ने 28 फरवरी 2026 को ईरान पर हमला किया था, जिसके बाद से मिडिल ईस्ट में तनाव देखने को मिल रहा है। मिडिल ईस्ट में जारी तनाव को आज 90 दिन हो गए हैं। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के बीच ट्रंप प्रशासन ने ईरान पर नए कड़े आर्थिक प्रतिबंधों की घोषणा की है।
अमेरिकी प्रशासन द्वारा की गई इस नवीनतम कार्रवाई में खासकर ईरान की उस नवगठित एजेंसी को निशाना बनाया गया है, जो होर्मुज से गुजरने वाली जहाजों की निगरानी और उनसे 20 लाख डॉलर तक का शुल्क वसूलती है।
ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी जारी
अमेरिकी सेना द्वारा ईरानी सैन्य ठिकानों पर किए गए हवाई हमलों के कुछ ही घंटों बाद उठाए गए इस कदम से दोनों देशों के बीच चल रही शांति वार्ता और जटिल होने की संभावना है। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने साफ किया है कि जब तक कोई ठोस समझौता नहीं हो जाता, तब तक ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी जारी रहेगी।
अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने एक बयान में कहा, “वैश्विक समुद्री व्यापार को ब्लैकमेल करने का ईरानी सेना का नवीनतम प्रयास इस बात का प्रमाण है कि आर्थिक संकट ने शासन को नकदी के लिए बेताब कर दिया है।”
वहीं, ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड ने इस कदम का बचाव करते हुए कहा कि होर्मुज से गुजरते समय जहाजों को बल द्वारा निर्धारित गलियारे का उपयोग करना होगा। इममें यह भी चेतावनी दी गई कि स्वीकृत मार्ग से बाहर जाने वाले जहाजों को हमलों और अन्य जोखिमों का सामना करना पड़ सकता है।
बुधवार को कैबिनेट की बैठक में बोलते हुए ट्रंप ने कहा कि ईरान मामूली स्थिति में बातचीत कर रहा है और दावा किया कि दोनों पक्ष एक समझौते के करीब पहुंच रहे हैं। ट्रंप ने कहा कि हम समझौता करने के लिए बहुत उत्सुक हैं। लेकिन अभी तक उस मुकाम तक नहीं पहुंचे हैं। हम इससे संतुष्ट नहीं हैं, लेकिन हम संतुष्ट हो जाएंगे, या तो ऐसा होगा या फिर हमें काम पूरा करना ही होगा।”
ट्रंप ने यह भी चेतावनी दी है कि अगर कोई समझौता नहीं हुआ, तो लड़ाई फिर से शुरू हो सकती है। हालांकि, पिछले कुछ महीनों में वह कई बार ऐसी ही धमकियों से पीछे हट चुके हैं।
अमेरिकी सेना की नाकाबंदी जारी
अमेरिकी सेना ईरानी बंदरगाहों पर नाकाबंदी जारी रखे हुए है। ट्रंप ने कहा कि यह नाकाबंदी “समझौते पर सहमति बनने, उसे प्रमाणित किए जाने और उस पर हस्ताक्षर होने तक पूरी तरह से लागू रहेगी।” बता दें कि अमेरिका द्वारा लगाया गया यह नया प्रतिबंध ऐसे समय में आया है, जब अमेरिका और ईरान तनाव को समाप्त करने के लिए बातचीत में लगे हुए हैं।