ट्रंप-पुतिन की बातचीत का असर: 4 साल बाद रूसी जेल से रिहा हुए अमेरिकी नागरिक स्टीफन हबर्ड…

रूस ने बुधवार को 74 वर्षीय अमेरिकी नागरिक स्टीफन हबर्ड को अपनी जेल से रिहा कर दिया है। हबर्ड पर साल 2022 में यूक्रेन पर रूसी आक्रमण के दौरान यूक्रेन की तरफ से ‘भाड़े के सैनिक’ के तौर पर लड़ने आरोप था।

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने वाइट हाउस में संवाददाताओं को बताया कि उन्होंने हाल ही में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ फोन पर हुई बातचीत में हबर्ड की रिहाई की मांग की थी।

इस रिहाई की सबसे खास बात यह रही कि पिछले कैदी एक्सचेंजों के विपरीत, इस बार अमेरिका को हबर्ड के बदले रूस को किसी भी कैदी को नहीं सौंपना पड़ा।

यह डील अमेरिकी शीर्ष दूत स्टीव विटकॉफ की सेंट पीटर्सबर्ग यात्रा के दौरान फाइनल हुई। विटकॉफ ने पुतिन के साथ आमने-सामने की बैठक में हबर्ड को छोड़ने के लिए उन्हें एक ‘मानवतावादी’ नेता बताया।

क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने भी पुष्टि की कि पुतिन ने हबर्ड को विशुद्ध रूप से मानवीय आधार पर माफ करने का फैसला किया है। रिहाई के बाद हबर्ड को सेंट पीटर्सबर्ग के पुलकोवो हवाई अड्डे से अमेरिका के लिए रवाना कर दिया गया।

मिशिगन के रहने वाले सेवानिवृत्त शिक्षक स्टीफन हबर्ड कई वर्षों से यूक्रेन में रह रहे थे। रूस के अनुसार, हबर्ड ने 2022 के आक्रमण के बाद यूक्रेनी सेना के साथ अनुबंध किया था, जिसके बाद उन्हें दो महीने बाद पकड़ लिया गया।

साल 2024 में एक बंद अदालत की सुनवाई के दौरान उन्हें लगभग सात साल की जेल की सजा सुनाई गई थी। हालांकि, अमेरिकी सरकार, हबर्ड के परिवार और उनकी कानूनी टीम ने रूस के इन आरोपों को हमेशा खारिज किया और उन्हें निर्दोष बताया।

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