अमेरिका ने स्वीकार किया है कि दक्षिण भारत के मंदिरों से चोरी गई तीन प्राचीन कांस्य मूर्तियां अवैध रूप से उसके संग्रहालय तक पहुंची थीं। अब ये मूर्तियां भारत को वापस की जा रही हैं।
वॉशिंगटन डीसी स्थित स्मिथसोनियन नेशनल म्यूजियम ऑफ एशियन आर्ट ने पुष्टि की है कि ये प्रतिमाएं तमिलनाडु के मंदिरों से गैरकानूनी तरीके से हटाई गई थीं।
लौटाई जा रही मूर्तियों में 990 ई. की शिव नटराज, 12वीं सदी की सोमस्कंद और 16वीं सदी की संत सुंदरार विद परवई शामिल हैं।
संग्रहालय ने क्या बताया?
संग्रहालय ने बताया कि शिव नटराज को लंबी अवधि के लिए ऋण पर प्रदर्शित किया जाएगा, ताकि उसकी उत्पत्ति और चोरी की कहानी साझा की जा सके।
यह वापसी नैतिक संग्रहालय व्यवस्था और सांस्कृतिक विरासत के प्रति सम्मान का प्रतीक है। भारत की सदियों पुरानी कला अब अपने मूल घर लौट रही है।