होर्मुज में दुर्घटनाग्रस्त अपाचे हेलीकॉप्टर के क्रू का अमेरिका ने सी-ड्रोन की मदद से किया रेस्क्यू…

सोमवार को होर्मुज के पास मार गिराए गए एक अमेरिकी अपाचे हेलीकॉप्टर के क्रू को बचाने के लिए अमेरिकी नौसेना की ड्रोन बोट का इस्तेमाल किया गया। समुद्र में फंसे सैन्य कर्मियों को सुरक्षित निकालने के लिए अमेरिका द्वारा किसी मानवरहित सैन्य जहाज का यह अपनी तरह का पहला उपयोग है।

रिपोर्ट्स के अनुसार, यह समुद्री ड्रोन 24 फुट लंबा सारोनिक कॉर्सयर ऑटोनॉमस सरफेस वेसल है, जो पूरी तरह से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा संचालित है। यह पेंटागन की उस मुहिम का हिस्सा है जिसके तहत सेना में पारंपरिक संसाधनों के साथ-साथ मानवरहित वाहनों के उपयोग को बढ़ावा दिया जा रहा है।

लगभग 140 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज रफ्तार से चलने वाली यह ड्रोन बोट 1,000 पाउंड तक का वजन उठाने में सक्षम है। न्यूयॉर्क पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, इसे टेक्सास स्थित सारोनिक टेक्नोलॉजीज ने बनाया है।

यह अमेरिकी नौसेना की टास्क फोर्स 59 का हिस्सा है, जिसका काम AI संचालित मानवरहित जहाजों और अन्य ड्रोन की देखरेख करना है। इस सारोनिक कॉर्सयर को पिछले साल दिसंबर में पूरी तरह से कार्यशील किया गया था।

बड़े पैमाने पर ड्रोन बोट बनाने की तैयारी

इस समुद्री ड्रोन बोट का निर्माण करने वाली कंपनी को अपने कॉर्सयर वेसल्स के लिए लगभग 40 करोड़ डॉलर का प्रोडक्शन कॉन्ट्रैक्ट मिला है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनी का लक्ष्य 2027 तक हर साल 20 से अधिक ऐसे मानवरहित जहाजों का निर्माण करना है।

सोमवार को होर्मुज के पास गश्त के दौरान जब अपाचे हेलीकॉप्टर को मार गिराया गया, तो इस ड्रोन की मदद से उसके दोनों क्रू मेंबर्स को सुरक्षित निकाल लिया गया। यह घटना ऐसे समय में हुई है, जब 100 दिनों से चल रहे ईरान युद्ध के संघर्ष विराम को एक बड़ा झटका लगा है और ठीक एक दिन पहले ही ईरान और इजरायल ने एक-दूसरे पर हमले किए थे।

इस घटना से ईरान के साथ अमेरिका का तनाव काफी बढ़ गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि हेलीकॉप्टर को ईरानियों ने ही मार गिराया है।

अमेरिका की जवाबी कार्रवाई

इस हमले पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए राष्ट्रपति ट्रंप ने चेतावनी दी थी कि अमेरिका को इसका जवाब देना ही होगा। इस बयान के कुछ ही घंटों बाद, अमेरिकी सेना ने ईरान के खिलाफ तीन दौर के हवाई हमले कर दिए, जिससे दोनों देशों के बीच सैन्य टकराव का खतरा और बढ़ गया है।

अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, इन हमलों में होर्मुज के आसपास स्थित कई ईरानी वायु रक्षा और रडार प्रणालियों को सटीक निशाना बनाया गया। अल जज़ीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान के जस्क और बंदर अब्बास में जोरदार धमाकों की आवाजें सुनी गईं। इसके अलावा दक्षिणी ईरान के सिरीक और केशम द्वीप जैसे कुछ अन्य स्थानों पर भी धमाकों की खबरें सामने आई हैं।

ईरान की सख्त चेतावनी

अमेरिकी हमले के बाद ईरान ने भी कड़ा रुख अपनाते हुए कसम खाई है कि किसी भी हमले या खतरे को बिना जवाब दिए नहीं छोड़ा जाएगा। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने इस सैन्य कार्रवाई पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अमेरिका ने तेहरान के दृढ़ संकल्प को परखने का फैसला किया है।

उन्होंने अमेरिका को सीधे तौर पर चेतावनी देते हुए कहा कि अगर आप सुरक्षित रहना चाहते हैं, तो हमारे रीजन से बाहर निकल जाएं।

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