‘अमेरिका हर देश से जंग नहीं लड़ रहा’, ट्रंप टैरिफ पर सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी; जानिए 7 अहम बातें…

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप को बड़ा झटका देते हुए अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाया है कि उन्होंने अपने कानूनी अधिकार से आगे बढ़कर लगभग सभी अमेरिकी व्यापारिक साझेदार देशों पर व्यापक टैरिफ लगा दिए थे।

राष्ट्रपति को यह अधिकार नहीं

अदालत ने कहा कि राष्ट्रपति ने एक ऐसे कानून का इस्तेमाल किया जो राष्ट्रीय आपातकाल की स्थिति के लिए बनाया गया है। लेकिन इस मामले में इतने बड़े पैमाने पर टैरिफ लगाने के लिए स्पष्ट संसदीय मंजूरी जरूरी थी।

सुप्रीम कोर्ट ने साफ शब्दों में कहा कि राष्ट्रपति ने असाधारण शक्ति का दावा किया है यानी वे बिना किसी सीमा के, जितनी चाहें, जितने समय तक चाहें और जितने देशों पर चाहें, टैरिफ लगा सकते हैं। अदालत ने इस दावे को अस्वीकार कर दिया।

अदालत की सख्त टिप्पणी

  • अदालत ने कहा कि इतनी व्यापक और ऐतिहासिक रूप से बड़ी शक्ति का इस्तेमाल करने के लिए राष्ट्रपति को कांग्रेस से स्पष्ट अनुमति दिखानी चाहिए थी।
  • सरकार ने भी माना कि शांति काल में राष्ट्रपति के पास अपने आप टैरिफ लगाने का कोई स्वाभाविक या अंतर्निहित अधिकार नहीं है।
  • अदालत ने यह भी नोट किया कि सरकार ने इन टैरिफ को राष्ट्रपति की युद्ध संबंधी शक्तियों के तहत भी सही ठहराने की कोशिश नहीं की।
  • सुप्रीम कोर्ट ने टिप्पणी की, ‘आखिरकार अमेरिका दुनिया के हर देश के साथ युद्ध में नहीं है।’
  • अदालत ने कहा कि जिन टैरिफ को चुनौती दी गई है, वे सीमा, राशि और अवधि तीनों ही मामलों में बिना किसी बंधन के हैं।
  • फैसले में यह भी कहा गया कि जब कांग्रेस टैरिफ लगाने की शक्ति देती है, तो वह स्पष्ट शब्दों और सावधानीपूर्वक तय सीमाओं के साथ देती है, लेकिन यहां ऐसा नहीं किया गया था।

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